IED लगाते समय महिला नक्सली घायल: नक्सलियों ने साथी को जंगल में तड़पता छोड़ा, ग्रामीणों और सुरक्षाबलों ने बचाई जान
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माड़ेड़ थाना क्षेत्र के बंदेपारा जंगलों में उस वक्त एक बड़ा हादसा हो गया, जब माओवादियों द्वारा लगाए जा रहे IED में अचानक विस्फोट हो गया। इस घटना में एक महिला नक्सली गुज्जा सोढ़ी गंभीर रूप से घायल हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके साथ मौजूद अन्य नक्सली साथी उसे उसी हालत में तड़पता छोड़कर जंगल में भाग निकले।
घायल महिला कैडर को ग्रामीणों ने बचाया, अस्पताल पहुंचाया
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि विस्फोट में महिला नक्सली का दाहिना टखना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जब यह हादसा हुआ, तो माओवादी उसे बेसुध हालत में वहीं छोड़कर भाग निकले।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने जानकारी देते हुए कहा कि यह घटना माओवादियों की क्रूरता और अमानवीय मानसिकता को उजागर करती है। वे न केवल निर्दोष युवाओं को अपने हिंसक मंसूबों के लिए इस्तेमाल करते हैं, बल्कि खतरे की स्थिति में उन्हें मरने के लिए छोड़ देते हैं।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अद्भुत साहस और मानवीयता का परिचय देते हुए घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए माड़ेड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इसके बाद 4 अक्टूबर को दोपहर लगभग 2 बजे उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बीजापुर स्थानांतरित किया गया।
सुरक्षाबलों की संवेदनशीलता और ग्रामीणों का विश्वास बना उदाहरण
घायल महिला नक्सली का इलाज जारी है और उसकी स्थिति स्थिर है। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षाबलों की मानवीय कार्यशैली और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को एक बार फिर से प्रमाणित किया है। साथ ही, यह बस्तर क्षेत्र में शांति और विश्वास की बहाली की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
IG सुन्दरराज की माओवादियों को चेतावनी
IG सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा “यह हादसा फिर दिखाता है कि माओवादी नेतृत्व कितना स्वार्थी और धोखेबाज है। वे अपने घायल साथियों को मरने के लिए छोड़ देते हैं, जबकि सुरक्षाबल और ग्रामीण उन्हें बचाते हैं।
यह समय है कि विशेष रूप से स्थानीय माओवादी कैडर माओवादियों की असली सोच को पहचानें और हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें।”
