250 परिवारों की घर वापसी, स्वामी नरेंद्राचार्य बोले- धर्मांतरण पर सख्त कानून जरूरी
रायपुर। राजधानी रायपुर के गुढियारी स्थित दहीहांडी मैदान में 7 नवंबर 2025 को जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी नरेंद्राचार्य के सानिध्य में 250 से अधिक परिवारों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की। इस अवसर पर भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सच्चिदानंद उपासने भी मौजूद रहे। प्रबल प्रताप ने घर वापसी करने वाले परिवारों के पैर धोकर उनका स्वागत किया, जो उनकी पारंपरिक परंपरा का हिस्सा रहा।
प्रलोभन से हुआ था धर्मांतरण, अब लौटे अपने धर्म में
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने बताया कि उन्हें प्रलोभन और भ्रामक वादों के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया गया था। उन्हें स्वास्थ्य और बेहतर जीवन का लालच दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें नए धर्म में कोई संतुष्टि नहीं मिली। मोहभंग होने के बाद अब वे अपने मूल हिंदू धर्म में लौटकर सुकून महसूस कर रहे हैं।
1.53 लाख परिवारों की हो चुकी है घर वापसी
स्वामी नरेंद्राचार्य ने बताया कि वे अब तक देशभर में 1 लाख 53 हजार परिवारों की घर वापसी करा चुके हैं। उन्होंने धर्मांतरण को सामाजिक और सांस्कृतिक खतरा बताते हुए सरकार से इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। स्वामी ने आरोप लगाया कि स्कूलों में प्रभु ईसू के बारे में पढ़ाया जाना धर्मांतरण को बढ़ावा देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को वेद आधारित शिक्षा पर जोर देना चाहिए और वेद पाठशालाओं के माध्यम से सभी हिंदू जातियों के बच्चों को पुरोहित बनने का अवसर देना चाहिए।
प्रबल प्रताप जूदेव ने निभाई पिता की परंपरा
भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि उनके पिता, स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव, राजा होने के बावजूद लोगों के पैर पखारकर उनकी सेवा करते थे। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस घर वापसी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जूदेव ने घोषणा की कि यह अभियान सुदूर अंचलों तक ले जाया जाएगा, ताकि और अधिक लोग अपने मूल धर्म में लौट सकें।
वेद आधारित शिक्षा पर जोर
स्वामी नरेंद्राचार्य ने वेद आधारित स्कूलों के निर्माण पर बल दिया। उनका कहना है कि ऐसी पाठशालाएं नए पुरोहित तैयार करने में मदद करेंगी, जो हिंदू धर्म को और मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हिंदू समाज की सभी जातियों को पुरोहित बनने का अवसर देना है, ताकि धर्म और संस्कृति का प्रचार-प्रसार हो सके।

अभियान रहेगा जारी
इस मौके पर 250 परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रबल प्रताप जूदेव ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और घर वापसी के लिए प्रेरित करेंगे।
