12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, पूछताछ में कई छात्रों और शिक्षकों के नाम आए सामने
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी वेणु जंघेल से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच में आधा दर्जन से ज्यादा छात्रों और कुछ शिक्षकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जिन शिक्षकों का नाम सामने आया है, उनका परीक्षा बोर्ड या प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से कोई संबंध तो नहीं है।
बिलासपुर में वकील के घर छिपा था आरोपी
12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक मामले में नाम सामने आने के बाद वेणु जंघेल लगातार जगह बदलकर छिप रहा था। वह पहले जगदलपुर और कांकेर में ठिकाने बदलता रहा। बाद में वह बिलासपुर पहुंचा, जहां अग्रिम जमानत की कोशिश में एक वकील के घर छिपा हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम तुरंत बिलासपुर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
एक और एनएसयूआई नेता का नाम आया सामने
पूछताछ के दौरान एक और एनएसयूआई नेता की संलिप्तता की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, उक्त नेता ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए पेपर लीक मामले को लेकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। फिलहाल पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है और सबूत जुटाने में लगी हुई है।
जगदलपुर से वायरल हुआ था पेपर
पुलिस ने व्हाट्सएप पर वायरल हुए प्रश्नपत्र के स्रोत की जांच की, जिसमें पता चला कि 12वीं हिंदी का पेपर सबसे पहले जगदलपुर के एक सरकारी बॉयज हॉस्टल से वायरल हुआ था। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उस छात्र से पूछताछ की, जिसने पेपर व्हाट्सएप पर शेयर किया था। छात्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच बढ़ाई।

कई जिलों तक फैला था नेटवर्क
12वीं हिंदी पेपर लीक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जगदलपुर के बाद कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग के कई छात्रों से पूछताछ की। लगातार मिले इनपुट के आधार पर पुलिस आखिरकार वेणु जंघेल तक पहुंची। अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा मामला संगठित नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।
स्थानीय शिक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध
पुलिस को जांच में स्थानीय शिक्षकों की संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि वेणु जंघेल अपने इलाके के कुछ शिक्षकों को पहले से जानता था और उन्हीं संपर्कों की मदद से उसने 12वीं हिंदी का प्रश्नपत्र हासिल किया। इसके बाद आरोपी ने यह पेपर परीक्षार्थियों को दो से तीन हजार रुपये में बेचा।
बैंक खातों और लेनदेन की जांच जारी
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कई और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
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