10 किलो सोना लाते पकड़ी गई कार, पुलिस ने लेनदेन कर छोड़ा, TI सहित तीन पुलिसकर्मी निलंबित
सोना
खैरागढ़। रायपुर के एक बड़े सर्राफा कारोबारी का 10 किलो कच्चा सोना लेकर आ रही एक कार खैरागढ़ जिले के गातापारा इलाके में पुलिस जांच के दौरान पकड़ी गई, लेकिन कथित रूप से लेन-देन कर उसे छोड़ दिया गया। जब इस चौंकाने वाली घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक लक्ष्य विनोद शर्मा को मिली, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया और जांच के आदेश जारी किए।
जंगल के रास्ते चल रही थी करोड़ों की तस्करी जैसी आवाजाही
घटना शनिवार रात की है। रायपुर के एक प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारी की गाड़ी महाराष्ट्र से होते हुए मध्यप्रदेश के रास्ते गातापारा के जंगलों से छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रही थी। खैरागढ़ के पास वाहन जांच बैरियर पर कार को रोका गया, जहां तलाशी में सीट के नीचे एक विशेष चैंबर से लगभग 10 किलो कच्चा सोना बरामद किया गया।
दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद नहीं की गई जब्ती
सूत्रों के मुताबिक, कार में सवार व्यक्ति के पास सोने के सभी वैध दस्तावेज थे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे वसूले और किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किए बिना कार को जाने दिया। यह पूरी कार्रवाई गातापारा थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव की मौजूदगी में हुई।
एसपी को सूचना मिली, तुरंत निलंबन के आदेश
जैसे ही एसपी लक्ष्य विनोद शर्मा को इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने बिना देर किए थाना प्रभारी सहित तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही, पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। एसपी ने साफ किया कि पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यापारी सामने आने से कतरा रहा, लेकिन एसपी ने लिया एक्शन
बताया जा रहा है कि जिस व्यापारी का सोना पकड़ा गया है, वह रायपुर के एक प्रमुख सर्राफा कारोबारी हैं और उनका सालाना कारोबार अरबों में है। हालांकि, वे कानूनी प्रक्रिया और विवादों से बचने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं, और कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिर भी पुलिस अधीक्षक ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की, जो विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही का संकेत है।

