कांकेर में धर्मांतरित शव दफन विवाद : चर्च में लगाई आग, सरपंच के घर तोड़फोड़, 20 पुलिसकर्मी घायल

कांकेर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े तेवड़ा में एक धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफनाने को लेकर उपजा विवाद गुरुवार को हिंसक हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को कब्र से निकालकर गांव से बाहर अंतिम संस्कार करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जो बाद में हिंसा में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने गांव के चर्च में तोड़फोड़ कर आग लगा दी तथा सरपंच के घर में भी तोड़फोड़ की।

 

इस दौरान आदिवासी और ईसाई समाज के बीच झड़प हुई तथा पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। पत्थरबाजी में अंतागढ़ के एडिशनल एसपी आशीष बंछोर सहित 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भारी विरोध के बीच प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर बाहर भेज दिया है। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है।

 

**चारामा में भी शव दफनाने का विरोध**

बड़े तेवड़ा की घटना के बाद शव को चारामा तहसील मुख्यालय के कब्रिस्तान में दफनाने की सूचना पर तनाव फैल गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कब्रिस्तान पहुंचे और दफन का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मूल धर्म छोड़ने वाले व्यक्ति को स्थानीय परंपराओं या सार्वजनिक स्थलों पर दफनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने धर्मांतरित व्यक्तियों के लिए अलग व्यवस्था और सामाजिक समरसता बनाए रखने की मांग की।

 

पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा कानून-व्यवस्था के लिए भारी बल तैनात किया गया। दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण सुलझाने के प्रयास जारी हैं।

 

**क्या है पूरा मामला?**

पुलिस के अनुसार, ग्राम बड़े तेवड़ा निवासी 70 वर्षीय चमरा राम सलाम की 16 दिसंबर 2025 को मृत्यु हो गई थी। मृतक का पुत्र गांव का सरपंच है। परिजनों ने शव का दफन अपनी निजी भूमि पर किया। कुछ ग्रामीणों ने मृत्यु पर संदेह जताया तथा दफन को आदिवासी रीति-रिवाजों के विरुद्ध बताकर शव निकालने की मांग की।

 

ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यपालिक दंडाधिकारी ने विधिक प्रावधानों के तहत शव निकालने (एक्सहुमेशन) का आदेश जारी किया। पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी तथा आगे आवश्यक कार्रवाई होगी।

 

गुरुवार को इस मुद्दे पर तनाव बढ़ा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पत्थरबाजी हुई तथा संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। बस्तर आईजी, डीआईजी कांकेर, कलेक्टर और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी गांव में मौजूद हैं। मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास जारी हैं तथा विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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