Vaibhav Suryavanshi Selection Row: ‘वैभव तूफान है, रोक नहीं पाओगे’, गौतम गंभीर पर भड़के युवा खिलाड़ी के कोच!

Vaibhav Suryavanshi को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिलने से उनके कोच मनीष ओझा नाराज हैं। उन्होंने टीम इंडिया के मैनेजमेंट पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बेंच पर बैठाकर खिलाड़ियों को तैयार नहीं किया जा सकता।

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को लेकर चर्चा तेज है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले 15 वर्षीय वैभव टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू कर चुके हैं, लेकिन उन्हें लगातार प्लेइंग-11 में खेलने का मौका नहीं मिल रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी उन्हें अब तक मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिला है। इससे उनके कोच मनीष ओझा की नाराजगी सामने आई है।

मनीष ओझा ने टीम इंडिया के मौजूदा मैनेजमेंट की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि Vaibhav Suryavanshi जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने के बजाय लगातार खेलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने टीम मैनेजमेंट पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए कहा कि खिलाड़ियों का भविष्य मैदान पर खेलने से बनता है, न कि डगआउट में बैठकर।

Vaibhav Suryavanshi को प्लेइंग-11 में क्यों नहीं मिल रहा मौका?

Vaibhav Suryavanshi ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर भी खेलने का मौका मिला, जहां उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की थी। एशियन गेम्स में भी वैभव को ओपनिंग करने का अवसर मिला था।

हालांकि, भारतीय टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की मौजूदगी के कारण वैभव के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना आसान नहीं है। टीम मैनेजमेंट के सामने एक तरफ अनुभवी और स्थापित खिलाड़ियों को खिलाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त मौके देने का सवाल भी है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में Vaibhav Suryavanshi को लगातार बाहर बैठना पड़ा है। इसी बात से उनके कोच मनीष ओझा नाराज हैं और उन्होंने चयन तथा टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं।

‘वैभव तूफान है’, कोच मनीष ओझा ने क्या कहा?

मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाओ को दिए इंटरव्यू में Vaibhav Suryavanshi की प्रतिभा की तारीफ करते हुए कहा कि यह युवा बल्लेबाज भविष्य में अपनी क्षमता साबित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वैभव को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें खुद निराशा हाथ लग सकती है।

मनीष ओझा के मुताबिक, वैभव जैसा खिलाड़ी मैदान पर उतरकर ही अपनी प्रतिभा को निखार सकता है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय क्रिकेट को अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करना है, तो उन्हें खेलने के पर्याप्त अवसर देने होंगे।

कोच का मानना है कि केवल अभ्यास और बेंच पर बैठने से किसी युवा खिलाड़ी का पूरा विकास नहीं हो सकता। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव समझने, परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने और अपनी गलतियों से सीखने के लिए मैच खेलना जरूरी है।

टीम मैनेजमेंट पर तानाशाही का आरोप

Vaibhav Suryavanshi को लगातार प्लेइंग-11 से बाहर रखे जाने पर मनीष ओझा ने टीम इंडिया के मैनेजमेंट पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम मैनेजमेंट ने वैभव को मौका नहीं देने का मन बना लिया है और अपनी मर्जी से फैसले कर रहा है।

उन्होंने कहा, “किसी भी तरह से उन्होंने मन बना लिया है कि वह वैभव को मौका नहीं देंगे। वह बाहर बैठा है और पानी पिला रहा है। मुझे लगता है कि इस समय जो टीम मैनेजमेंट है, वो तानाशाही कर रहा है। उनके दिमाग में जो आएगा, वह वही करेंगे।”

मनीष ओझा की इस टिप्पणी ने युवा खिलाड़ियों को मौके देने और टीम चयन की रणनीति को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि, यह उनके कोच का नजरिया है। वैभव को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के पीछे टीम मैनेजमेंट की विस्तृत वजहों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

क्या गौतम गंभीर की रणनीति से वैभव का करियर प्रभावित हो सकता है?

भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका देने और स्थापित खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाए रखने का मुद्दा हमेशा चर्चा में रहा है। वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें लगातार खेलने का अवसर मिलना चाहिए या टीम को मौजूदा संयोजन के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में ओपनिंग स्लॉट के लिए प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। ऐसे में वैभव को मौका देने के लिए टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ सकता है।

मनीष ओझा की चिंता यह है कि लगातार बेंच पर बैठने से युवा खिलाड़ी की लय और आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम संयोजन, विरोधी टीम के खिलाफ रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन जैसे पहलू भी चयन में अहम भूमिका निभाते हैं।

इसलिए Vaibhav Suryavanshi को मौके नहीं मिलने को सीधे उनके करियर के नुकसान के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। हालांकि, उन्हें नियमित अवसर मिलते हैं या नहीं, यह उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य के लिहाज से निश्चित रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।

न्यूजीलैंड दौरे पर भी वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी नजरें

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Vaibhav Suryavanshi को इस सीरीज के लिए भी टीम में शामिल किया गया है।

अब सवाल यही है कि क्या उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ प्लेइंग-11 में जगह मिल पाएगी या एक बार फिर उन्हें बेंच पर बैठना पड़ेगा। अगर वैभव को मौका मिलता है, तो उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर होगा।

फिलहाल, उनके कोच मनीष ओझा ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर खुलकर नाराजगी जताई है। अब देखना होगा कि आगामी मुकाबलों में वैभव को खेलने का मौका मिलता है या नहीं और भारतीय टीम युवा बल्लेबाज को लेकर क्या रणनीति अपनाती है।

Youthwings