वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला: राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार, ट्रंप ने साझा की हथकड़ी वाली तस्वीर, कहा- अमेरिका अस्थायी रूप से देश संभालेगा
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर मादुरो की तस्वीर साझा की, जिसमें उनके हाथों में हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बंधी दिखाई दे रही है।
न्यूयॉर्क में विमान उतरा, कड़ी सुरक्षा
अमेरिकी सेना का विशेष विमान शनिवार की देर शाम न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मादुरो को प्लेन से उतारते समय कड़ी सुरक्षा के बीच दर्जनों फेडरल एजेंट्स ने घेर रखा था। कुल मिलाकर तीन दर्जन से अधिक एजेंट रनवे पर मौजूद थे, जो नीली जैकेट में थे और उनके मुंह ढके हुए थे। मादुरो और उनकी पत्नी को बेस पर बने हैंगर में ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई। जांच के बाद दोनों को मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (ब्रुकलिन) ले जाया गया।
ट्रंप की पोस्ट में हथकड़ी और थम्स-अप
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट की तस्वीरों में मादुरो को USS Iwo Jima युद्धपोत पर हथकड़ी और पट्टी के साथ दिखाया। बाद में सामने आईं तस्वीरों और वीडियो में मादुरो कुर्सी पर बैठे नजर आए, जहां वे थम्स-अप का इशारा कर रहे थे और उनके पीछे अमेरिकी सैनिक खड़े थे।
ऑपरेशन की महीनों पुरानी योजना
ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व नाम से चलाए गए इस अभियान की योजना कई महीनों से बन रही थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप ने ईस्टर्न टाइम के अनुसार रात 10:46 बजे मिशन को मंजूरी दी। हमला 3 जनवरी की आधी रात (काराकस समयानुसार करीब 2 बजे) शुरू हुआ और मात्र 30 मिनट से भी कम समय में पूरा हो गया।
वायु रक्षा निष्क्रिय, 150 विमान शामिल
अमेरिकी बलों ने पहले वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया। इसके बाद 150 से अधिक विमान (F-18, F-22, F-35, B-1 बॉम्बर और ड्रोन सहित) देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए। डेल्टा फोर्स के कमांडो हेलीकॉप्टरों से फोर्ट ट्यूना सैन्य अड्डे पर उतरे, जहां मादुरो अपने आवास में थे। हेलीकॉप्टर पानी की सतह के बहुत करीब उड़कर आए और ऊपर से एयर कवर दिया गया। कमांडो ने स्टील के भारी दरवाजे तोड़े (ब्लोटॉर्च का इस्तेमाल किया) और मादुरो-फ्लोरेस को सेफ रूम में जाने से पहले ही पकड़ लिया। ट्रंप ने बाद में कहा, “वो दरवाजे तक पहुंच तो गया, लेकिन उसे बंद नहीं कर पाया।”
काराकस में सात धमाके, 40 की मौत
काराकस और आसपास के इलाकों में कम से कम सात धमाके सुने गए। फोर्ट ट्यूना, ला कार्लोटा एयरबेस और ला गुएरा पोर्ट पर हमले हुए। कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और धुआं उठता देखा गया। वेनेजुएला सरकार ने दावा किया कि हमलों में कम से कम 40 लोग मारे गए, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप का तेल भंडारों पर फोकस
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को अस्थायी रूप से संचालित करेगा और देश के विशाल तेल भंडारों का उपयोग वैश्विक बाजार में तेल बेचने के लिए किया जाएगा। उनका उद्देश्य “स्थिरता बहाल करना और लोकतांत्रिक व्यवस्था पटरी पर लाना” बताया। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने नया इंडिक्टमेंट जारी किया, जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन तस्करी, हथियार रखने और साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
वेनेजुएला में आपातकाल, सबूत की मांग
वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राज्य टेलीविजन पर कहा कि निकोलस मादुरो ही एकमात्र राष्ट्रपति हैं और अमेरिका से उनके जीवित होने का सबूत मांगा। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
दुनिया भर में निंदा की लहर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई की कड़ी निंदा हुई है। रूस, चीन, क्यूबा, ईरान, ब्राजील, मैक्सिको और कई अन्य लैटिन अमेरिकी देशों ने इसे वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला करार दिया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने इसे “खतरनाक मिसाल” बताया और सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। यह घटना 1990 में पनामा पर अमेरिकी हमले (मैनुअल नोरिएगा की गिरफ्तारी) के बाद लैटिन अमेरिका में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य हस्तक्षेप मानी जा रही है। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
