“गाजा बोर्ड ऑफ पीस” के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पीएम मोदी को आमंत्रण 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। यह बोर्ड ट्रंप की व्यापक शांति योजना का दूसरा चरण है, जिसका मुख्य उद्देश्य इजरायल-हमास युद्ध को पूरी तरह समाप्त करना, गाजा में स्थिरता लाना और क्षेत्र के पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करना है।

 

ट्रंप ने हाल ही में गाजा बोर्ड ऑफ पीस के गठन की घोषणा की, जिसे वे गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हैं। यह बोर्ड गाजा के दैनिक प्रशासनिक मामलों की निगरानी के लिए एक तकनीकी समिति (Palestinian Technocratic Committee) का पर्यवेक्षण करेगा और युद्धविराम फ्रेमवर्क का हिस्सा होगा। बोर्ड का फोकस गाजा में स्थिरता स्थापित करने, पुनर्निर्माण की रणनीति तैयार करने और आवश्यक धन जुटाने पर है, ताकि क्षेत्र को रहने योग्य और बेहतर बनाया जा सके।

 

अमेरिका ने भारत के अलावा कई अन्य देशों जैसे अर्जेंटीना, कनाडा, मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान, अल्बानिया, साइप्रस आदि को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, बोर्ड के ड्राफ्ट चार्टर में प्रस्ताव है कि स्थायी सदस्यता के लिए 1 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान देना होगा, जबकि तीन साल की अस्थायी सदस्यता के लिए कोई अनिवार्य वित्तीय प्रतिबद्धता नहीं है।

 

ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे पत्र लिखकर यह निमंत्रण दिया है, जिसे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। यह कदम भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और जियोपॉलिटिकल महत्व को रेखांकित करता है। भारत के इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संतुलित संबंधों के कारण इसे क्षेत्र में एक स्वीकार्य और प्रभावी भागीदार माना जा रहा है।

 

ट्रंप की यह पहल गाजा में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। बोर्ड के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति प्रक्रियाओं में योगदान की उम्मीद बढ़ गई है, हालांकि युद्धविराम के बावजूद गाजा में कुछ हमलों की खबरें जारी हैं। भारत की संभावित भागीदारी से मध्य पूर्व में शांति प्रयासों को नई मजबूती मिल सकती है।

Youthwings