लोक कलाकार किनारे, बाहरी कलाकार हावी – चक्रधर समारोह में कुमार विश्वास की एंट्री पर बवाल!

रायगढ़ में जारी प्रसिद्ध चक्रधर समारोह को लेकर राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की अस्मिता और लोक कला की अनदेखी की जा रही है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने आरोप लगाया कि 1985 से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक महोत्सव छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण के लिए जाना जाता है, लेकिन मौजूदा सरकार स्थानीय कवियों और कलाकारों की उपेक्षा कर रही है। उनका कहना है कि इस बार बाहरी कलाकारों को मंच दिया जा रहा है, जबकि राज्य के अपने प्रतिभाशाली लोक कलाकारों को नज़रअंदाज़ किया गया।

कुमार विश्वास को लेकर विवाद

बुधवार को समारोह के शुभारंभ पर कवि कुमार विश्वास और अन्य कवियों ने मंच पर प्रस्तुति दी। इस पर आप ने आपत्ति जताई है। गोपाल साहू ने कहा कि “कुमार विश्वास हमेशा अपनी शर्तों पर आते हैं और यह तय करते हैं कि मंच पर उनके साथ कौन होगा और किसे शामिल करना है।” AAP नेताओं का कहना है कि यह रवैया छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का अपमान है।

AAP का विरोध और पुतला दहन की घोषणा

पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि छत्तीसगढ़ के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। AAP ने ऐलान किया है कि यदि स्थानीय कवियों और लोक कलाकारों को उचित मंच नहीं दिया गया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन होगा। इसी क्रम में शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों पर कवि कुमार विश्वास का पुतला दहन करेंगे।

आप नेताओं ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल बाहरी कलाकारों के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक और शास्त्रीय कलाकारों की अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है, और इसकी उपेक्षा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

Youthwings