ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल, 25 राज्यों ने अदालत में दी चुनौती; बोले- राष्ट्रपति ने अधिकारों का किया दुरुपयोग
60 देशों पर लगाए गए नए आयात शुल्क के खिलाफ 25 राज्यों की याचिका, न्यूयॉर्क समेत कई राज्यों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत से टैरिफ रद्द करने की मांग की
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। न्यूयॉर्क समेत 25 राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय व्यापार अदालत में याचिका दायर कर नए टैरिफ को चुनौती दी है। राज्यों का आरोप है कि राष्ट्रपति ने पर्याप्त कानूनी आधार के बिना अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए नए सीमा शुल्क लागू किए हैं, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
60 देशों पर लगाए गए टैरिफ को दी चुनौती
याचिका में 60 देशों से आयात होने वाले सामान पर लगाए गए 10% और 12.5% टैरिफ को चुनौती दी गई है। राज्यों ने अदालत से इन शुल्कों को तत्काल प्रभाव से रोकने और उन्हें गैरकानूनी घोषित करने की मांग की है। इन टैरिफ का असर भारत, चीन, यूरोपीय संघ समेत कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर पड़ा है।
राज्यों का आरोप- कानून का गलत इस्तेमाल
याचिकाकर्ता राज्यों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों का गलत इस्तेमाल किया है। उनका दावा है कि पहले भी अदालत सरकार की टैरिफ नीति पर सवाल उठा चुकी है, लेकिन प्रशासन नए आधार बनाकर आयात शुल्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी परिवारों और कारोबार पर असर
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स समेत कई राज्यों ने कहा कि नए टैरिफ से अमेरिकी परिवारों की लागत बढ़ेगी और व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। उनका कहना है कि इस फैसले का असर घरेलू बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों पर पड़ेगा।
व्हाइट हाउस ने किया बचाव
वहीं, व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति के फैसले का बचाव किया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अनुचित व्यापारिक गतिविधियों और बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह नीति लागू की गई है।
Read more-
Donald Trump on Iran : ‘ईरान की एयर फोर्स, नेवी और रडार तबाह, अमेरिका से एक पैसा नहीं मिलेगा’
