परिवहन व्यवस्था जल्द ही बड़ा बदलाव: राजधानी से हटेंगी सभी सीएनजी बसें, इलेक्ट्रिक बसों का बढ़ेगा बेड़ा
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जल्द ही बड़ा बदलाव देखने वाली है। सरकार ने राजधानी से चरणबद्ध तरीके से सभी सीएनजी बसों को हटाने की तैयारी कर ली है। योजना के अनुसार, 2031 तक दिल्ली की सड़कों से कुल 2,743 सीएनजी बसों को धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बसें ही चलेंगी।
11,000 बसों का लक्ष्य:
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में जानकारी दी कि दिल्ली में कुल 11,000 बसों का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अधिकांश इलेक्ट्रिक होंगी। इन बसों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा ताकि प्रदूषण कम हो और राजधानी को पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन मिल सके।
दिल्ली में 5,691 बसें परिचालन में:
फिलहाल दिल्ली में 5,691 बसें परिचालन में हैं। सरकार और निजी कंपनियां बराबर हिस्सेदारी के साथ 11,000 बसों का संचालन करेंगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए तेजी से चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि नई व्यवस्था बिना रुकावट के शुरू की जा सके।
1,750 बसें अगस्त 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटाई जाएंगी
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के मौजूदा सीएनजी बेड़े में 993 डीटीसी बसें शामिल हैं, जिन्हें वर्ष 2026-27 तक हटा दिया जाएगा। वहीं निजी क्लस्टर सेवा की करीब 1,750 बसें अगस्त 2031 तक चरणबद्ध तरीके से हटाई जाएंगी। पिछले पांच सालों में नई सीएनजी बसों की खरीद पर कोई निवेश नहीं किया गया है, जबकि दिल्ली सरकार अब पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
