10 लाख का इनामी नक्सली अमित हांसदा ढेर, साथी जान बचाकर भागे
देश को नक्सलमुक्त बनाने के अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर से सटे पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा क्षेत्र में रविवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली जोनल कमांडर अमित हांसदा मारा गया। उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
मुठभेड़ गोइलकेरा थाना क्षेत्र के रेलापराल जंगल और बुरजूवा पहाड़ी के पास हुई। पुलिस, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि नक्सली बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। जैसे ही सुरक्षाबल जंगल में पहुंचे, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में घंटों चली मुठभेड़ के बाद जोनल कमांडर अमित हांसदा मारा गया।
घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने हांसदा का शव, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल, कारतूस, माओवादी पर्चे और अन्य सामान बरामद किया। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।
कौन था अमित हांसदा?
अमित हांसदा उर्फ अपटन, भाकपा (माओवादी) का जोनल कमांडर था और बीते एक दशक से पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जिलों में सक्रिय था। वह सुरक्षा बलों पर हमलों, सड़क निर्माण में बाधा डालने, लेवी वसूली और कई हिंसक वारदातों का मास्टरमाइंड था।
झारखंड पुलिस का मानना है कि हांसदा का मारा जाना नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका है। उसकी मौत से इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
हालिया सफलताएं
यह हाल में सुरक्षा बलों की दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 6 अगस्त को गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के पारही जंगल में हुई मुठभेड़ में पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) का सुप्रीमो और 15 लाख का इनामी नक्सली मार्टिन केरकेट्टा भी मारा गया था।
