साइबर ठगी, पीएम आवास और मनरेगा जैसे गंभीर मुद्दों पर गरमाया सदन, विपक्ष ने सरकार को घेरा, मंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान साइबर अपराध, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा से जुड़े विषयों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विभिन्न मामलों पर तीखे सवाल पूछे, जिनका जवाब गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया।
साइबर अपराध पर तीखी बहस:
भाजपा विधायक सुनील सोनी ने राजधानी रायपुर सहित राज्य में बढ़ रहे साइबर ठगी के मामलों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि बीते एक वर्ष में कितने साइबर अपराध दर्ज हुए और पीड़ितों को कितनी राशि लौटाई गई।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब में बताया:
पिछले एक साल में 1301 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए। इनमें से 107 पीड़ितों को राशि वापस दिलाई गई। केवल रायपुर में 147 मामले सामने आए। 7 बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी ठगी में संलिप्त पाए गए, जिन पर FIR दर्ज की गई है।
सुनील सोनी ने कहा कि साइबर थाने में न साइबर एक्सपर्ट हैं, न IPS स्तर के अधिकारी नियुक्त हैं।
इस पर मंत्री ने कहा कि साइबर थानों में हाईटेक उपकरण हैं और जल्द ही एक्सपर्ट की नियुक्ति की जा रही है। राज्य के हर जिले में साइबर विवेचक नियुक्त किए गए हैं, और 9 जिलों में हाईटेक साइबर थाने बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
विधायक राजेश मूणत ने कहा कि साइबर अपराध सबसे बड़ा खतरा बन चुका है, और इसकी रोकथाम के लिए IG स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए।
अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि साइबर कमांडो तैयार करने के लिए अब तक क्या किया गया। मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण जारी है, जिस पर चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि यह जवाब तो पिछले सत्र में भी दिया गया था, अब तक कोई कमांडो तैयार नहीं हुआ, जो विभाग की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है।
पीएम आवास योजना को लेकर भी गरमाया माहौल:
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार और लक्ष्य पूर्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा: जून 2025 तक निर्धारित लक्ष्य का कितना हिस्सा पूरा हुआ है? तखतपुर और कवर्धा में आवास मित्रों द्वारा पैसे की वसूली की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई?
मंत्री विजय शर्मा ने बताया: योजना के अंतर्गत पात्रों को लक्ष्य के अनुरूप आवास दिए जा रहे हैं। कुकदुर पंचायत में शिकायत मिली है, जिसकी जांच जारी है और जांच के बाद कार्यवाही होगी।
महंत ने आरोप लगाया कि कई जिलों में मनरेगा के तहत भुगतान नहीं हुआ, जबकि फर्जी तरीके से काम पूरा दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि वो इस मुद्दे की शिकायत उच्च स्तर तक करेंगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि AI की रिपोर्ट पूर्णतः विश्वसनीय नहीं मानी जाती।
पंचायत मंत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने पहले योजना को खारिज किया, वही अब सवाल कर रहे हैं। उनके इस बयान पर सदन में हंगामा हुआ और सत्ता–विपक्ष में नोकझोंक देखने को मिली।
मनरेगा को लेकर विधायक पुन्नूलाल मोहले का सवाल:
रायपुर से भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले ने मनरेगा के तहत केंद्र से प्राप्त राशि और राज्य द्वारा किए गए खर्च की जानकारी मांगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी मनरेगा श्रेणी के कार्यों की भी जानकारी चाही।
मंत्री विजय शर्मा ने बताया:
10 लाख से अधिक कार्य मनरेगा के तहत पूरे किए गए हैं। 1 अप्रैल 2024 से जून 2025 तक 14 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। 30 जून तक सभी मजदूरी भुगतान किए जा चुके हैं।
