खराब चावल सप्लाई का मामला फिर गरमाया: बस्तर दशहरा समिति को भेजा गया 100 क्विंटल अमानक चावल वापस

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में घटिया चावल की सप्लाई का मामला फिर से सामने आया है। ताजा प्रकरण में बस्तर दशहरा समिति को गरावन्द कला वेयरहाउस से भेजे गए 100 क्विंटल चावल की गुणवत्ता अमानक पाई गई। शिकायत के बाद तहसीलदार राहुल गुप्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चावल को वापस कर गुणवत्ता युक्त चावल मंगवाया।

दशहरा पर्व के लिए होती है विशेष राशन व्यवस्था

75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा के दौरान हजारों ग्रामीणों की भोजन व्यवस्था शासन की ओर से की जाती है। इसके लिए राशन सामग्री, विशेषकर चावल, नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के जरिये सप्लाई की जाती है। पिछले दिनों नान द्वारा भेजा गया चावल जब दशहरा कोठी में डंप होने वाला था, तब गुणवत्ता जांच में चावल अमानक पाया गया।

क्वालिटी रिपोर्ट पर उठे सवाल

चौंकाने वाली बात यह है कि नान के क्वालिटी इंस्पेक्टर ने इस चावल को ‘ओके’ रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद घटिया चावल की सप्लाई की गई। यह गंभीर लापरवाही दशहरा समिति की सतर्कता से समय रहते पकड़ी गई और चावल को तुरंत वापस कर दिया गया।

पहले भी सामने आया था फफूंद लगे चावल का मामला

कुछ दिन पहले बोधघाट वेयरहाउस से फफूंद लगे चावल राशन दुकानों में भेजे गए थे। खबर प्रकाशित होने के बाद मामला सामने आया और कलेक्टर हरीश एस ने इस पर तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि, एक सप्ताह बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है।

मिलर्स और निगम की मिलीभगत की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, फफूंद लगा चावल बालेंगा स्थित बारवाइटिया एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग से सप्लाई किया गया था, जिसे बोधघाट वेयरहाउस में रखा गया था। बाद में यही चावल राशन दुकानों में बांटा गया। जब शिकायतें बढ़ीं, तब चावल वापस मंगवाया गया। कलेक्टर ने नान के मैनेजर को फटकार लगाई और दोबारा ऐसी गलती न होने की चेतावनी दी।

तहसीलदार बोले- “खाने योग्य नहीं था चावल”

तहसीलदार राहुल गुप्ता, जो बस्तर दशहरा समिति के सचिव भी हैं, ने स्पष्ट किया कि सप्लाई किया गया चावल खाने योग्य नहीं था। इसे तुरंत वापस कर नया चावल मंगवाया गया। उन्होंने बताया कि दशहरा आयोजन में दूरदराज से आए कारीगरों और ग्रामीणों के लिए हर साल सैकड़ों क्विंटल चावल की जरूरत होती है।

जांच का नहीं कोई अता-पता

फफूंद लगे चावल की पहले की घटना पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। जब फूड कंट्रोलर घनश्याम राठौर से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया कि इस मामले में नान के मैनेजर से संपर्क करें, क्योंकि वे खुद हैदराबाद में उपचार के लिए हैं।

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