“सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में हो रहा है” : विधानसभा में गूंजा बस्तर के किसानों और राशन दुकानों का मुद्दा

विधानसभा में गूंजा बस्तर के किसानों और राशन दुकानों का मुद्दा

विधानसभा में गूंजा बस्तर के किसानों और राशन दुकानों का मुद्दा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यवाही की शुरुआत में सदन के सदस्यों ने टी-20 क्रिकेट में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई दी। इसके बाद प्रश्नकाल के दौरान बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा जोर-शोर से उठा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सवाल-जवाब का लंबा दौर चला।

बस्तर में धान खरीदी को लेकर विधायक ने उठाए सवाल

प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर संभाग में धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने जानकारी मांगी कि बस्तर में धान खरीदी की शुरुआत कब की गई थी और कितने किसानों का धान नहीं खरीदा जा सका। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए बताया कि बस्तर संभाग में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई थी और 31 जनवरी को इसका समापन किया गया। उन्होंने बताया कि कुल 44 हजार 612 किसानों का धान नहीं खरीदा गया, क्योंकि ये किसान धान खरीदी केंद्रों में अपना धान लेकर ही नहीं पहुंचे थे।

धान खरीदी व्यवस्था पर लगाए गए आरोप

मंत्री के जवाब के बाद विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि सरकार किसानों से 21 क्विंटल धान खरीदने की बात करती है, लेकिन कई किसान परेशान हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी में कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कहीं धान में पानी डालकर खरीदी करने की शिकायतें हैं तो कहीं अन्य सामग्री की खरीदी किए जाने की भी बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि प्रदेश में कितने किसान ऋणी हैं और कितने किसान वनाधिकार पट्टाधारी हैं।

मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विपक्ष

इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि जो किसान धान खरीदी के लिए पंजीयन कराते हैं, वे सभी अपना धान बेचने नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय भी यही स्थिति थी और तब भी सभी पंजीकृत किसान धान बेचने केंद्रों तक नहीं पहुंचते थे। हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया। जवाब में बताया गया कि बस्तर में 9 हजार 906 किसानों ने अपना धान नहीं बेचा।

PDS राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठा

सदन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठा। विधायक ललित चंद्राकर ने दुर्ग जिले में राशन दुकानों के आवंटन और उनके संचालन को लेकर जानकारी मांगी। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि दुर्ग जिले में फिलहाल 42 राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन दुकानों के संचालन स्थल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।

read more : भूपेश बघेल ने लगाया शराब घोटाले का आरोप, वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना

Youthwings