Jana Nayagan: थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ पर संकट, सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने से अटकी रिलीज
Jana Nayagan
Jana Nayagan: थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ (हिंदी टाइटल— ‘जन नेता’) शुक्रवार को रिलीज होने वाली है, लेकिन फिल्म की राह में बड़ी अड़चन आ गई है। रिलीज़ में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं, जबकि फिल्म को अब तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला, जिस कारण एडवांस बुकिंग भी पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई है।
राजनीति में उतरने से पहले बढ़ा विवाद
विजय पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि ‘जन नायगन’ उनकी आखिरी फिल्म होगी और इसके बाद वे पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होंगे। अपनी राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरने जा रहे विजय के लिए यह फिल्म बेहद अहम मानी जा रही थी, लेकिन अब सेंसर विवाद ने मामला गरमा दिया है।
मेकर्स इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट पहुंच चुके हैं, जबकि विजय फैन्स इसे राजनीतिक दबाव और साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।
क्यों विवादों में फंसी ‘जन नायगन’?
फिल्म के ट्रेलर में विजय ऐसे नायक के रूप में नजर आते हैं जो जनता को सिस्टम से सवाल पूछने, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए प्रेरित करता है।
यह थीम विजय की फिल्मों में नई नहीं है। इससे पहले ‘थलाइवा’, ‘कथ्थी’, ‘मर्सल’ और ‘सरकार’ जैसी फिल्मों में भी इसी तरह की एंटी-एस्टैब्लिशमेंट सोच देखने को मिल चुकी है।
माना जाता है कि इसी तरह की फिल्मों ने विजय की ‘जनता की आवाज’ वाली छवि को मजबूत किया, जिसे अब वे राजनीति में भुनाने की तैयारी कर रहे हैं।
हाई कोर्ट पहुंचा सेंसर सर्टिफिकेट का मामला
मंगलवार को फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस ने हाई कोर्ट में अर्जेंट याचिका दाखिल की। मेकर्स का आरोप है कि फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट अनुचित तरीके से रोका गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
मेकर्स के अनुसार:
18 दिसंबर 2025 को सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया गया
22 दिसंबर को कुछ बदलावों के बाद ‘U/A’ सर्टिफिकेट की सिफारिश की गई
24 दिसंबर को संशोधित वर्जन जमा किया गया
29 दिसंबर को ‘U/A’ मिलने की सूचना दी गई, लेकिन सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ
5 जनवरी 2026 को फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने की जानकारी दी गई
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को आहत करती है और आर्म्ड फोर्सेज की प्रस्तुति आपत्तिजनक है।
मेकर्स ने उठाए सवाल
मेकर्स का कहना है कि जब फिल्म अभी सार्वजनिक रूप से रिलीज ही नहीं हुई, तो कंटेंट को लेकर शिकायत आना संदिग्ध है। उनका तर्क है कि सेंसर कमेटी द्वारा सिफारिश के बाद रूल 24 लागू करना कानून के खिलाफ है।
कोर्ट ने सीबीएफसी को उन शिकायतों को पेश करने का निर्देश दिया है, जिनके आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी में भेजा गया। मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 7 जनवरी को होगी।
राजनीतिक साजिश की आशंका क्यों?
विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कलगम (TVK) से जुड़े लोग इस पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। विजय खुद कह चुके हैं कि वे DMK और AIADMK— दोनों के खिलाफ राजनीति करेंगे। ऐसे में उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक नई और मजबूत तीसरी ताकत माना जा रहा है।
फैन्स का मानना है कि ‘जन नायगन’ विवाद के जरिए विजय पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
सेंसर बना सबसे बड़ी बाधा
फिल्म पूरी तरह तैयार है, ट्रेलर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और जहां एडवांस बुकिंग खुली है, वहां टिकट तेजी से बिक रहे हैं। लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट अब भी ‘जन नायगन’ के थिएटर तक पहुंचने में सबसे बड़ी दीवार बना हुआ है।
