‘भारत का रुख अड़ियल है…’ भारत-अमेरिका संबंध पर व्हाइट हाउस का बयान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले ने भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। इस एकतरफा कदम के कारण लंबित India-US Trade Deal पर भी अनिश्चितता छा गई है। अमेरिका ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ट्रेड वार्ता में भारत का रुख “अड़ियल” रहा है।
अमेरिका का आरोप और ट्रेड वार्ता की स्थिति
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया कि बड़े व्यापार समझौतों में देरी हो रही है, जिनमें भारत और स्विट्जरलैंड के साथ समझौते भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ वार्ता में प्रगति धीमी है, हालांकि ट्रंप प्रशासन अक्टूबर के अंत तक इन वार्ताओं को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। बेसेंट के अनुसार, “यह महत्वाकांक्षी है, लेकिन संभव है कि हम सभी अहम देशों के साथ ठोस शर्तों पर सहमति बना लें।”
भारत का जवाब
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि अमेरिका को भारत के कुल निर्यात मूल्य का लगभग 55% हिस्सा रेसिप्रोकल टैरिफ से प्रभावित होगा। यह जानकारी उन्होंने सांसद अभिषेक बनर्जी के लिखित प्रश्न के जवाब में दी।
पाकिस्तान पर अमेरिका की सक्रिय कूटनीति
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में बढ़ते संपर्कों पर व्हाइट हाउस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम दक्षिण एशिया में तनाव को कम करने के लिए था। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार, मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य तनाव को खत्म करने में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के नेताओं से फोन पर बात कर हमलों को रोकने में मदद की।
ब्रूस ने कहा, “अमेरिका के भारत और पाकिस्तान के साथ संबंध अपरिवर्तनीय हैं। हमारी कूटनीतिक प्रतिबद्धता दोनों देशों के प्रति बरकरार है और हम क्षेत्रीय व वैश्विक हित में उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पाकिस्तानी आर्मी चीफ की लगातार अमेरिका यात्राएं
गौरतलब है कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर दो महीनों में दूसरी बार अमेरिका पहुंचे हैं। जून 2025 में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से निजी भोज पर मुलाकात हुई थी। हाल ही में उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल कुरिला के विदाई समारोह में भाग लिया और नए कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को शुभकामनाएं दीं। कुरिला ने पाकिस्तान को आतंकवाद-रोधी प्रयासों में “शानदार साझेदार” बताया था।
