आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला: एक साल में 70% कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य, राहुल गांधी और सोनाक्षी सिन्हा ने जताई नाराजगी

आवारा कुत्तों

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नई दिल्ली: देश में आवारा कुत्तों की स्थिति ने हाल ही में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को तेज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम तक भेजा जाए। जबकि यह आदेश कुछ लोगों द्वारा स्वागत योग्य माना जा रहा है, पशु प्रेमी इसे असंवेदनशील और अमानवीय बता रहे हैं। इतने में तीन केंद्र सरकार के विभागों—केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय—ने मिलकर एक मास्टर एक्शन प्लान जारी किया है। इसमें देश में कुल 1.53 करोड़ आवारा कुत्ते होने का अनुमान लगाया गया है, और 70% कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन एक वर्ष के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

तीन मंत्रालयों का मास्टर एक्शन प्लान

देश में आवारा कुत्तों और डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को देखते हुए, केंद्र सरकार ने अब तीन मंत्रालयों के मिलाजुला मास्टर एक्शन प्लान प्रस्तुत किया। इसमें राज्यों को एडवाइजरी जारी की गई—इसमें कुत्तों की वैक्सीन और नसबंदी का लक्ष्य शामिल है—कुछ साल पहले तक के ABC (Animal Birth Control) नियमों की तुलना में यह योजना अधिक सशक्त है।

देश में डॉग बाइट और रेबीज की भयावह स्थिति

भारत में रेबीज (Rabies) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में जितने रेबीज केस सामने आए, उनमें से 36% केवल भारत में दर्ज किए गए हैं। यह चिंताजनक स्थिति तब है जब रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण (Vaccination) की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद लापरवाही, जागरूकता की कमी और समय पर इलाज न मिलने के कारण हर साल कई जानें जा रही हैं।

2024 में भारत में रेबीज के कुल आंकड़े:

कुल मामले: 37,15,713

कुल मौतें: 54

राज्यवार रेबीज केस (2024):
बिहार: 2,63,930 केस

असम: 1,66,232 केस

ओडिशा: 1,66,792 केस

उत्तर प्रदेश: 1,64,009 केस

उत्तराखंड: 23,091 केस

राहुल गांधी और सोनाक्षी सिन्हा ने जताई नाराजगी

विरोध में: राहुल गांधी ने कहा कि यह आदेश दशकों से चली आ रही मानवीय और वैज्ञानिक नीति से पीछे हटना है।
प्रियंका गांधी ने इसे अमानवीय करार दिया और कहा कि केवल कुछ हफ्तों में शेल्टर भेजने का निर्णय असंवेदनशील है।
अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इसे भावशून्यता बताया और कुत्तों को पीड़ित प्राणी बताया, वहीं करिश्मा तन्ना ने मानवीय दुनिया छीने जाने जैसा बयान दिया।
कई अन्य हस्तियों समेत जॉन अब्राहम, वरुण धवन, जाह्नवी कपूर आदि ने भी कोर्ट की निर्णय की आलोचना की।

समर्थन में: सोशल मीडिया पर कई लोग इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं, और कुछ ने कहा है कि अगर आलोचना करनी है तो उन कुत्तों को गोद या पैट कीजिए—मूल समस्या को हटाने से काम नहीं चलेगा।

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