‘वीडियो बनाकर माफी मांगो’: दिव्यांगों का मजाक उड़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना-अल्लाहबादिया को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ शो में दिव्यांगजनों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले कॉमेडियन समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने दोनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए वीडियो पोस्ट करने का आदेश दिया।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने की। कोर्ट ने कहा कि दिव्यांगजनों का मजाक उड़ाकर पैसा कमाना बिल्कुल अस्वीकार्य है। दोनों कॉमेडियन को निर्देश दिया गया कि वे अदालत में दिए गए माफीनामे को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करें।

कोर्ट ने केंद्र सरकार और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (IB मंत्रालय) को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह की ऑनलाइन सामग्री के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

माफी वीडियो बनाकर पोस्ट करें: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा, “कॉमेडी अच्छी चीज़ है, लेकिन जब दूसरों की संवेदनशीलता आहत होती है, तब यह गंभीर समस्या बन जाती है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को समझना चाहिए कि उनके शब्दों का समाज पर गहरा असर होता है।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “कॉमेडी का स्वागत है, लेकिन जब यह किसी विशेष समुदाय की भावनाओं को चोट पहुंचाए, तो वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि व्यावसायिकता (कमर्शियलाइजिंग स्पीच) बन जाती है।”

विवाद की शुरुआत

समय रैना पर आरोप है कि उन्होंने शो के एक एपिसोड में स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी (SMA) से पीड़ित एक नेत्रहीन व्यक्ति का मजाक उड़ाया। इस मामले में SMA क्योर फाउंडेशन ने याचिका दायर की थी, जिसमें समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमारजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तनवर जैसे कॉमेडियनों पर भी आपत्तिजनक चुटकुले बनाने का आरोप है।

इसी शो में रणवीर अल्लाहबादिया ने माता-पिता के बारे में अश्लील टिप्पणी की थी, जिसके चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी, लेकिन उनकी टिप्पणियों की कड़ी निंदा भी की गई थी।

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