Supreme Court on Street Dogs: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज, दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों का भविष्य तय होगा

Supreme Court on Street Dogs

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Supreme Court on Street Dogs: दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला सुनाएगा। कोर्ट की तीन जजों की बेंच सुबह 10:30 बजे आदेश सुनाना शुरू करेगी। इससे पहले 14 अगस्त को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की विशेष पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अंतरिम आदेश रहेगा या लगेगी रोक?

दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने आदेश दिया था कि दिल्ली और एनसीआर से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए। इस आदेश के खिलाफ अपील हुई, जिसके बाद तीन जजों की बेंच बनी। इस बेंच के सामने यह मांग की गई थी कि आदेश पर अंतरिम रोक लगाई जाए। अब आज सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट करेगा कि आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का फैसला लागू रहेगा या उस पर रोक लगेगी।

सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए निर्देश

28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने आवारा कुत्तों को लेकर कई सख्त निर्देश दिए थे। इनमें प्रमुख थे:

  • दिल्ली, एमसीडी और एनडीएमसी जल्द से जल्द शहर के संवेदनशील और बाहरी इलाकों से कुत्तों को पकड़ें।

  • पकड़े गए कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाए और उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाए।

  • शेल्टर होम की स्थिति और ढांचे पर दो महीने के भीतर रिपोर्ट जमा हो।

  • वहां कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए पर्याप्त कर्मचारी नियुक्त किए जाएं।

  • किसी भी स्थिति में पकड़े गए कुत्तों को सड़कों, कॉलोनियों या सार्वजनिक स्थलों पर नहीं छोड़ा जाए।

  • डॉग शेल्टर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

  • यदि कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़ने में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

डॉग बाइट के बढ़ते मामले

सरकार ने कोर्ट को बताया था कि साल 2024 में देशभर में डॉग बाइट्स के 37.15 लाख मामले दर्ज हुए, यानी औसतन हर दिन करीब 10 हजार लोग कुत्तों के काटने का शिकार बने। वहीं, WHO की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में 305 लोगों की मौत कुत्तों के काटने से हुई थी। यही वजह है कि कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया। हालांकि, बेंच ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा था कि अदालत आवारा कुत्तों के जीवन के प्रति भी सहानुभूति रखती है।

आज का फैसला इस पर अंतिम रूप से तय करेगा कि आवारा कुत्ते सड़कों पर रहेंगे या शेल्टर होम में शिफ्ट किए जाएंगे।

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