स्कूल में अचानक बेहोश हो रहे छात्र: एक कक्षा में बैठा रहे 103 विद्यार्थी, दहशत में खाली हो गया विद्यालय

रायपुर: राजधानी के नजदीक स्थित कुरूं गांव के सरकारी स्कूल में बीते कुछ दिनों से लगातार छात्राओं के बेहोश होने की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे पूरे इलाके में भूत-प्रेत और टोना-टोटके जैसी अफवाहें फैल गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जांच टीम गठित कर सोमवार को स्कूल भेजा। वहां जो हालात सामने आए, उन्होंने सबको चौंका दिया।

एक ही कमरे में 80 से ज्यादा बच्चे, घुटन बना वजह

अभनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुरूं में कक्षों की भारी कमी है। स्कूल की कुल छात्र संख्या 400 है, लेकिन कक्षाएं इतनी कम हैं कि 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा के 80-100 छात्र एक ही कमरे में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। जांच टीम ने जब छात्राओं से बात की, तो सामने आया कि गर्मी, उमस और हवा की कमी के कारण कई छात्राएं साँस लेने में तकलीफ और चक्कर की शिकायत कर रहीं थीं।

टीम के एक सदस्य ने बताया कि जब अधिक संख्या में छात्र एक छोटे कमरे में लंबे समय तक रहते हैं और हवादार वातावरण नहीं होता, तो ऐसे हालात में घुटन होना स्वाभाविक है। यही वजह छात्राओं के बार-बार बेहोश होने का कारण हो सकती है।

भूत के दहशत में खाली हो गया स्कूल

जांच के दिन सिर्फ 60 छात्र ही स्कूल आए थे, जबकि पंजीकृत छात्र संख्या 400 है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर डर का माहौल है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं, खासकर बेटियों को। छात्राओं में भी भय और मानसिक तनाव देखा गया।

कुछ ग्रामीणों ने घटनाओं को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखा, लेकिन जांच दल ने इसे पूरी तरह से खारिज किया और लोगों को वैज्ञानिक नजरिया अपनाने की सलाह दी। टीम ने बताया कि छात्राएं शारीरिक रूप से लड़कों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए वे अधिक प्रभावित हो रही हैं।

गर्मी, खराब पंखे और शोर परेशानी की जड़

जिला पंचायत सदस्य संदीप यदु ने बताया कि स्कूल के लिए अतिरिक्त कमरों की मांग पहले ही शासन को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्कूल के पंखे भी पुराने और खराब हैं, जिनसे आवाजें आती हैं, जिससे पढ़ाई बाधित होती है। शिक्षक मजबूरी में पंखे बंद कराकर ही पढ़ाते हैं, जिससे कमरों में उमस और तापमान और बढ़ जाता है।

Youthwings