7 किलो वजन घटा, फिर भी नहीं टूटा हौसला; सोनम वांगचुक ने किया संसद मार्च का ऐलान
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन बुधवार को 11वें दिन में पहुंच गया। लगातार उपवास के कारण उनका करीब 7 किलोग्राम वजन कम होने की जानकारी सामने आई है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच उन्होंने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है।
20 जुलाई को संसद तक मार्च की तैयारी
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचकर इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। उनके अनुसार, इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया है।
अनशनकारी छात्र की बिगड़ी तबीयत
लंबे समय से जारी अनशन का असर प्रदर्शनकारियों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। वांगचुक के साथ धरने पर बैठे जेएनयू के छात्र ऋषिकेश की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई। छाती में दर्द और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया कि वह भी पिछले 11 दिनों से लगातार अनशन कर रहे थे।
read more : रामगोपाल अग्रवाल 9 दिन की EOW रिमांड पर, शराब-कोल लेवी मामलों में होगी पूछताछ
मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, अनशन की अवधि बढ़ने के साथ प्रतिभागियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी लगातार गहराती जा रही है।
