अबूझमाड़ मुठभेड़ पर सवाल! नक्सली रामचंद्र रेड्डी की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश चस्पा किया

नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ में 22 सितंबर को हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सली नेता रामचंद्र रेड्डी के शव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी पत्नी के. शांति प्रिया सोमवार को नारायणपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति चस्पा कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग दोहराई।

कोर्ट ने शव सुरक्षित रखने का दिया आदेश

शांति प्रिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें शव को सुरक्षित रखकर पुनः पोस्टमार्टम करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस पर आदेश दिया कि शव को संरक्षित किया जाए और दूसरी बार पोस्टमार्टम कर जांच की जाए।

“सूचना मीडिया से मिली, प्रशासन से नहीं”

मीडिया से बातचीत में शांति प्रिया ने बताया कि उन्हें 22 सितंबर की मुठभेड़ की जानकारी समाचार माध्यमों से मिली, जबकि प्रशासन ने कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी। उन्होंने कहा, “हम 23 सितंबर को नारायणपुर पहुंचे। टीआई और कुछ अधिकारियों ने ही रास्ता बताया। हमारा उद्देश्य था कि पोस्टमार्टम हमारे सामने हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।”

शव संरक्षण को लेकर आरोप

शांति प्रिया ने कहा कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध फ्रीजर पर्याप्त नहीं था। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने तक शव को सुरक्षित रखने के लिए कई बार अधिकारियों से गुज़ारिश करनी पड़ी, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

“यह फर्जी मुठभेड़ है”

सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए शांति प्रिया ने कहा, “मेरे पति को 10 से 20 सितंबर के बीच पकड़ा गया, यातनाएं दी गईं और 20 सितंबर को हत्या कर दी गई। उनके शरीर पर चोट और जख्म हैं, लेकिन गोली का कोई निशान नहीं है। 22 सितंबर को इसे मुठभेड़ बताया गया, जो पूरी तरह फर्जी है।”

नक्सली गतिविधियों में था शामिल

उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पति नक्सली गतिविधियों में शामिल थे और 2008 से कई बार जेल में रहे। शांति प्रिया ने कहा, “अपने पति के मामले में मुझे भी 11 साल जेल में रहना पड़ा। अब उनकी मौत के बाद हम सच्चाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का सहारा ले रहे हैं।”

 

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