SIR विवाद पर सियासी संग्राम तेज, पूर्व विधायक गुलाब कमरो का नाम लिस्ट से गायब
छत्तीसगढ़ में जारी SIR (Special Summary Revision) प्रक्रिया पर सियासत लगातार गहराती जा रही है। सबसे बड़ी हैरानी तब हुई जब पूर्व कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो ने दावा किया कि उनका नाम ही उनके क्षेत्र की मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है। उनके इस आरोप ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
कैसे SIR लिस्ट से गायब हुआ पूर्व विधायक का नाम?
SIR प्रक्रिया के चलते छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर मतदाता सूची में त्रुटियाँ सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में स्थितियाँ इतनी चौंकाने वाली हैं कि खुद BLO और मतदाता दोनों परेशान हैं।
इसी बीच, पूर्व विधायक गुलाब कमरो को यह जानकर झटका लगा कि उनका नाम ही हटाया जा चुका है—वह भी अपने ही विधानसभा क्षेत्र की लिस्ट से। इस पर उन्होंने तुरंत राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी है।
कांग्रेस का चुनाव आयोग पर हमला, बीजेपी आयी बचाव में
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पूरी तरह आक्रामक हो गई है। पार्टी ने गुलाब कमरो की शिकायत को अपने X (Twitter) हैंडल पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस का कहना है—“जब एक पूर्व विधायक का नाम ही सूची से गायब हो सकता है, तो आम नागरिक के नाम की सुरक्षा पर भरोसा कैसे किया जाए?”
वहीं बीजेपी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि SIR राष्ट्रीय स्तर पर चल रही एक नियमित प्रक्रिया है जिसमें सुधार की गुंजाइश रहती है।
अन्य राज्यों में भी सियासत गरम, SIR बना राष्ट्रीय मुद्दा
सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में SIR को लेकर तकरार बढ़ती जा रही है।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मिलकर SIR की जल्दबाजी पर आपत्ति जताई।
उत्तर प्रदेश में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर “वोट काटे जा रहे हैं।”
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की मीटिंग में SIR मुख्य मुद्दा बन गया।
हैरानी की बात यह है कि जबलपुर में बीजेपी नेता भी कलेक्टर से मिलकर SIR में हो रही विसंगतियों को दूर करने की मांग कर चुके हैं।
BLO पर काम का दबाव और तकनीकी खामियाँ बड़ी वजह
विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य मतदाता सूची को साफ और अपडेट करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई चुनौतियाँ हैं—
- BLO पर काम का अत्यधिक दबाव
- फील्ड वेरिफिकेशन में त्रुटियाँ
- नाम गायब होने की शिकायतें
- डिजिटल अपडेट में तकनीकी गड़बड़ियाँ
जब तक ये समस्याएँ दूर नहीं होंगी, तब तक SIR की विश्वसनीयता पर सवाल उठने का सिलसिला थमेगा नहीं।
