जम्मू-कश्मीर में तनाव: पुंछ में बंद और प्रदर्शन, सुरक्षाबलों का लाठीचार्ज, जानें पूरा अपडेट!
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में अहले सुन्नत और अन्य इस्लामिक संगठनों ने बंद बुलाया है। बाजार और बस सेवाएं बंद हैं तथा जगह-जगह सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों के बवाल के बाद सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया था। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा में भी बाजार बंद रहे। हालात को देखते हुए श्रीनगर की कई सड़कों को कंटीले तारों से बैरिकेड किया गया है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को भड़काऊ भाषणों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
इधर खाड़ी क्षेत्र से भारतीयों की वापसी तेज हुई है। सोमवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात से चार उड़ानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु पहुंचीं। अबू धाबी में फंसे यात्रियों ने स्वदेश लौटकर राहत जताई। इंडिगो ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 विशेष उड़ानों की घोषणा की है। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट के लिए उड़ानें शुरू की हैं। वहीं एतिहाद एयरवेज, एमीरात और फ्लाईदुबई ने चुनिंदा सेवाएं बहाल की हैं। अबू धाबी एयरपोर्ट से एतिहाद की 15 उड़ानें इस्लामाबाद, पेरिस, एम्सटर्डम, मुंबई, काहिरा और लंदन के लिए रवाना हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में क्षेत्रीय नेताओं से भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की। साथ ही बहरीन के किंग हमाद बिन अल खलीफा, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से भी फोन पर बात कर सहयोग की अपील की।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन में 2024 तक 90 लाख से अधिक भारतीय रह रहे थे। इनमें सबसे बड़ी संख्या यूएई और सऊदी अरब में है। यूएई में भारतीय सबसे बड़ा विदेशी समुदाय हैं; अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार वहां करीब 43 लाख भारतीय रहते हैं, जो कुल आबादी का लगभग 35% हैं। ये लोग इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, रिटेल, फाइनेंस, इंजीनियरिंग और बिजनेस समेत कई क्षेत्रों में कार्यरत हैं और भारत को बड़े पैमाने पर रेमिटेंस भेजते हैं।
