ग्रामीणों ने ली शराब न बनाने की शपथ, इसी गांव में अवैध महुआ शराब पकड़ने गए पुलिसकर्मियों पर हुआ था हमला
जांजगीर-चांपा। कभी अवैध कच्ची महुआ शराब की बिक्री और पुलिस पर हमले के लिए चर्चित रहा सेमरिया गांव अब बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहा है। जांजगीर-चांपा पुलिस की पहल पर गांव के लोगों ने शराब न बनाने और न बेचने की शपथ ली, साथ ही अब स्वरोजगार के रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।
शनिवार को पामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरिया में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, एसडीओपी प्रदीप कुमार सोरी, जनपद सदस्य रामचरण पाल, श्रवण गोंड और सबरिया समाज के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ग्रामीणों को समझाइश दी गई कि अवैध शराब बनाना न केवल अपराध है बल्कि स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए हानिकारक है।
स्वरोजगार की दिशा में कदम
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने ग्रामीणों को बिहान कार्यक्रम से जोड़ने की पहल की।
सबरिया समाज के लोगों को गेंदा की खेती, फिनाइल और डिटर्जेंट निर्माण, और मशरूम उत्पादन जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
इसके साथ ही, 5 नवंबर को पामगढ़ सामुदायिक भवन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी भाग ले सकेंगे।
तीन साल पहले पुलिस पर हुआ था हमला
गौरतलब है कि तीन साल पहले सेमरिया गांव में अवैध महुआ शराब की जब्ती के दौरान पुलिस टीम पर हमला हुआ था।
थाना प्रभारी ओ.पी. कुर्रे और उनकी टीम ने ममता गोंड सबरिया के घर से 12 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त की थी।
वापस लौटते समय करीब 13-14 लोगों ने लाठी-डंडा और रॉड से पुलिस पर हमला कर दिया था, जिसमें थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
