Russia–Ukraine War: यूक्रेन पर रूस का सबसे बड़ा हमला, कीव में कैबिनेट बिल्डिंग बनी निशाना, 800 से ज्यादा ड्रोन दागे
Russia–Ukraine War
Russia–Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब चार साल हो चुके हैं और हालात अब भी काबू में नहीं आ पाए हैं। रविवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक की। इस हमले में पहली बार यूक्रेन की कैबिनेट बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां आग लग गई। जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने रूस की ऑयल पाइपलाइन पर हमला कर उसे भी नुकसान पहुंचाया।
कैबिनेट बिल्डिंग पर पहली बार हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने रातभर कीव पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए। कीव के सैन्य प्रशासन प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि पेचेर्स्की ज़िले में स्थित कैबिनेट बिल्डिंग पर हमला हुआ, जिससे इमारत में भीषण आग लग गई। चश्मदीदों ने सरकारी मुख्यालय से घना धुआं उठते हुए देखा। यह पहली बार है जब युद्ध के दौरान यूक्रेनी सरकार की मुख्य इमारत को सीधे निशाना बनाया गया।
805 ड्रोन और 13 मिसाइल दागे
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस ने कीव पर 805 ड्रोन और 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में एक नवजात समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हुए। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि ड्रोन हमलों के बाद मिसाइलें दागी गईं, जिससे कई रिहायशी और सरकारी इमारतें तबाह हो गईं। एक प्रेग्नेंट महिला समेत पांच लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
रिहायशी इलाकों में तबाही
डार्नित्स्की इलाके में एक आवासीय इमारत की चार मंजिलों में से दो पूरी तरह आग की चपेट में आ गईं। वहीं स्वियातोशिन्स्की ज़िले में 9 मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। ड्रोन के मलबे से 16 मंजिला और दो 9 मंजिला इमारतों में भी आग भड़क गई। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में अपार्टमेंट्स से धुआं उठता और ढही हुई मंजिलें साफ देखी जा सकती हैं।
रूस पर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप
यूक्रेन का कहना है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को टारगेट कर रहा है। कीव के अलावा क्रेमेनचुक, क्रिवी रीह और ओडेसा में भी हमलों से सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजली सप्लाई को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि रूस की ओर से हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
यूक्रेन का पलटवार: रूसी पाइपलाइन पर अटैक
इस हमले के तुरंत बाद यूक्रेन ने रूस की द्रुजबा ऑयल पाइपलाइन को ड्रोन से निशाना बनाया। यह पाइपलाइन हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देशों को तेल सप्लाई करती है। यूक्रेन ने कहा कि इस अटैक का मकसद रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना है। पाइपलाइन पर हमले के कारण यूरोप को तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।
हालात और बिगड़ते जा रहे
फरवरी 2022 से शुरू हुए युद्ध में अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ताजा हमलों ने यह साबित कर दिया है कि रूस और यूक्रेन दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर, पोलैंड ने यूक्रेन पर बढ़ते हवाई हमलों को देखते हुए अपनी एयर डिफेंस को अलर्ट कर दिया है।
