1 सितंबर से बंद कर दिया जाएगा रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा: डाक विभाग की पहचान रजिस्ट्री सेवा बन जाएगी इतिहास

रजिस्टर्ड पोस्ट

रजिस्टर्ड पोस्ट

कभी रजिस्टर्ड पोस्ट की रसीद थामने का जो अहसास हुआ करता था, वो अब केवल याद बनकर रह जाएगा। भारतीय डाक विभाग ने ऐलान किया है कि 1 सितंबर 2025 से रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को बंद कर दिया जाएगा। इस सेवा को अब स्पीड पोस्ट में मर्ज कर दिया जाएगा। यह सिर्फ एक डाक सुविधा के अंत की खबर नहीं है, बल्कि एक ऐसे दौर की विदाई है, जिसने चिट्ठियों के माध्यम से भावनाओं को जोड़ा और रिश्तों को मजबूत किया।

रजिस्टर्ड पोस्ट: भरोसे और अपनापन का प्रतीक

रजिस्टर्ड पोस्ट सिर्फ एक सुविधा नहीं थी, यह विश्वास और सुरक्षा की पहचान थी।
दूरी कितनी भी हो, जरूरी दस्तावेज या स्नेह से भरे खत रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भेजे जाते थे। स्याही से लिखी चिट्ठी, डाक टिकटों से सजे लिफाफे और डाकघर की कतारें, यह सब एक युग का हिस्सा थे जब लोग हर पत्र के जवाब का बेसब्री से इंतजार किया करते थे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

वर्तमान युग में डिजिटल माध्यम प्रमुख हो चुके हैं। अब लोग तेजी और ट्रैकिंग वाली सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं। ईमेल, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म ने पारंपरिक चिट्ठियों की जगह ले ली है।

भारतीय डाक विभाग का कहना है कि स्पीड पोस्ट न केवल तेज है, बल्कि इसमें आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम भी है, जो लोगों की वर्तमान जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करता है।

इस बदलाव का उद्देश्य सिर्फ सेवा सुधार ही नहीं, बल्कि डाक विभाग को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और व्यावसायिक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाना भी है।

एक युग का अंत

रजिस्टर्ड पोस्ट की समाप्ति उस पुराने दौर के अंत की घोषणा है, जब लोग पोस्टमैन की साइकिल की घंटी सुनकर चौंक पड़ते थे, जब डाक बॉक्स में चिट्ठी डालना एक रस्म की तरह होता था। अब वह युग धीरे-धीरे डिजिटल यादों में तब्दील हो रहा है।

Youthwings