Raipur Fake Paneer News: भोपाल से ट्रेन में आया संदिग्ध पनीर, होटलों तक पहुंचने से पहले खाद्य विभाग का बड़ा
Raipur Fake Paneer News: भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंची करीब 500 किलो संदिग्ध पनीर की खेप रेलवे स्टेशन पर जब्त
Raipur Fake Paneer News: क्या रायपुर के होटल और ढाबों में सप्लाई होने वाला था संदिग्ध पनीर? आखिर 500 किलो की खेप किसने मंगाई, जांच में क्या सामने आएगा और सरकार के प्रतिबंध के बीच यह माल कैसे पहुंचा? पूरी खबर पढ़िए।
Raipur Fake Paneer News: रेलवे स्टेशन पर 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त, जांच शुरू
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमरकंटक एक्सप्रेस से भोपाल से लाई गई करीब 500 किलो संदिग्ध पनीर की खेप जब्त कर ली। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पहले से मिली सूचना के आधार पर की। अधिकारियों ने मौके से पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अमरकंटक एक्सप्रेस से पहुंची थी 500 किलो की खेप
जानकारी के अनुसार, भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए 10 बड़े डिब्बों में भरकर करीब 500 किलो पनीर रायपुर भेजा गया था। जैसे ही ट्रेन रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, पहले से मौजूद खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया।
मौके पर अधिकारियों ने पनीर के नमूने एकत्र कर उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। अब लैब रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
होटल और ढाबों में होनी थी सप्लाई
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त की गई यह खेप राजधानी के होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सप्लाई की जानी थी। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह माल किस व्यापारी ने मंगवाया था और इसकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जानी थी।
अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल प्रयोगशाला में पनीर की गुणवत्ता और खाद्य मानकों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की मिलावट, गुणवत्ता में कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार पहले ही लगा चुकी है प्रतिबंध
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में ऐसे “डेयरी एनालॉग” या गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है, जो असली दूध से बने उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 और 18 के तहत यह कार्रवाई लागू की गई है। आदेश में विशेष रूप से ऐसे पनीर, क्रीम और मक्खन जैसे उत्पादों पर रोक लगाई गई है, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा या वनस्पति तेल का उपयोग किया जाता है।

किन उत्पादों पर लागू है प्रतिबंध?
सरकारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध उन उत्पादों पर लागू होगा-
- जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद नहीं हैं।
- जिनमें दूध की जगह वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया गया हो।
- जिनकी पैकेजिंग, लेबलिंग या प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित करती हो।
हालांकि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
अब सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर यह तय होगा कि जब्त की गई खेप सुरक्षित थी या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर बाजार में पहुंचाई जा रही थी।
