रायपुर में स्टूडेंट ने टीचर को दिखाया 25% मुनाफे का सपना, 1.54 करोड़ की ठगी; बैंक से लोन लेकर भी लगवा दिए पैसे
रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक कोचिंग सेंटर संचालक से 1.54 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोचिंग में पढ़ने आने वाले एक छात्र ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर संचालक को निवेश के नाम पर ऐसा भरोसा दिलाया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक से लोन लेकर भी रकम लगा दी। शुरुआत में मुनाफे के नाम पर रकम वापस मिलने से भरोसा और बढ़ गया, लेकिन बाद में आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गए।
मामले में कोचिंग संचालक पुष्कर जैन, निवासी समता कॉलोनी, ने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्र ने बताया- परिवार करता है करोड़ों का क्रिप्टो कारोबार
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, पुष्कर जैन की पहचान उनके कोचिंग सेंटर में पढ़ने आने वाले नेहल अग्रवाल से हुई थी। बातचीत के दौरान नेहल ने बताया कि उसके परिवार के लोग बड़े स्तर पर क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग का कारोबार करते हैं। आरोप है कि नेहल और उसके साथियों ने कोचिंग संचालक को क्रिप्टो करेंसी और USDT में निवेश करने पर 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इतना बड़ा रिटर्न सुनकर पुष्कर जैन ने निवेश में रुचि दिखाई।
पहले मुनाफा दिया, फिर बढ़ता गया निवेश
बताया जा रहा है कि शुरुआत में आरोपियों ने निवेश की गई रकम पर लाभांश के रूप में कुछ पैसा दिया। इससे कोचिंग संचालक का भरोसा और मजबूत हो गया। उन्हें लगा कि निवेश वास्तव में फायदे का सौदा है। इसके बाद उन्होंने ज्यादा रकम निवेश करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते निवेश की राशि बढ़ती गई और इसमें उनकी अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ बैंक से लिया गया कर्ज भी शामिल हो गया।
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लालच में बढ़ाई रकम, आखिर में डूब गए 1.54 करोड़
आरोप है कि 25 से 30 प्रतिशत मुनाफे के लालच में कोचिंग संचालक ने धीरे-धीरे बड़ी रकम आरोपियों को दे दी। कुल मिलाकर उनके 1.54 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश हो गए। लेकिन जब रकम वापस लेने या निवेश से जुड़ा हिसाब मांगने की स्थिति आई तो आरोपियों का रवैया बदल गया। कुछ समय बाद उनके मोबाइल फोन बंद हो गए और संपर्क टूट गया।
FIR होते ही आरोपी फरार
ठगी का एहसास होने के बाद पुष्कर जैन ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की को आरोपी बनाया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस तरह ली गई, उसका इस्तेमाल कहां किया गया और इस कथित निवेश नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
बैंक से कर्ज लेकर निवेश करना पड़ा भारी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कोचिंग संचालक ने सिर्फ अपनी जमा पूंजी ही नहीं लगाई, बल्कि बैंक से लोन लेकर भी रकम निवेश की। शुरुआत में मिला कथित मुनाफा उनके लिए भरोसे का आधार बना और इसी भरोसे में उन्होंने निवेश बढ़ा दिया। पुलिस अब लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क और रकम के लेन-देन की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
