बारिश बनी किसानों की दुश्मन, 1.5 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद, कीमतें 80 रुपये किलो पार
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। विशेषकर सब्जी उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। टमाटर की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 1.5 लाख हेक्टेयर में टमाटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जबकि अन्य सब्जियों की नर्सरी और खेतों में पानी भर जाने से बीज सड़ गए हैं।
धमतरी में हालात सबसे ज्यादा खराब
धमतरी जिले में लगातार बारिश के चलते सब्जी उत्पादक किसान संकट में हैं। कोलियारी, करेठा, देमार, आमदी जैसे गांवों में बाड़ी (किचन गार्डन) में सब्जी उगाने वाले किसान पहले ही दो बार बीज बो चुके थे, लेकिन बारिश के कारण बीज सड़ गए। अब किसान तीसरी बार बोनी की तैयारी कर रहे हैं।
फसल तैयार फिर भी नुकसान
जिन किसानों की फसल तैयार हो चुकी थी, उन्हें भी भारी बारिश से नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से पौधों की जड़ें सड़ रही हैं, फूल झड़ रहे हैं और उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। सब्जी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है और फंगस संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
सब्जियों की कीमतों में उछाल
बारिश के चलते स्थानीय बाड़ियों से सब्जियों की आवक लगभग बंद हो गई है। टमाटर, गोभी, भिंडी, परवल जैसी सब्जियों के दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। मंडियों में अब यह सब्जियां दूसरे राज्यों से मंगाई जा रही हैं, जिससे कीमतों में और इजाफा हो गया है।
बीज सड़ने से बोनी में देरी
किसान वीरांगन साहू, कमलेश पटेल और ओंकार देवांगन ने बताया कि उनके खेतों में पानी भर जाने से 75 प्रतिशत तक बीज सड़ गए हैं। दो बार बोनी के बाद अब तीसरी बार बीज डालने की तैयारी कर रहे हैं। इससे उत्पादन में देरी होगी और कुल उपज पर असर पड़ेगा।
30 फीसदी फसल को नुकसान
प्रदेशभर में करीब 4.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी की खेती होती है। इसमें से 30 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। विशेषकर नदी किनारे के 80 फीसदी गांवों में नर्सरी पानी में डूब चुकी है, जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है।
बीमा और राहत योजना
राज्य सरकार ने सब्जी फसलों के लिए फसल बीमा योजना लागू की है। जिन किसानों की फसल बीमा के अंतर्गत है, उन्हें नुकसान की भरपाई होगी। वहीं, बीमा से बाहर किसानों को प्राकृतिक आपदा राहत (6-4) के तहत मुआवजा दिया जाएगा। उद्यानिकी विभाग ने सभी जिलों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मंगवाई है।
