रेलवे ने तय की लगेज सीमा: लेकिन रायपुर-बिलासपुर स्टेशनों पर तौल की व्यवस्था नहीं

रेलवे ने तय की लगेज सीमा

रेलवे ने तय की लगेज सीमा

रायपुर। रेलवे में यात्रियों के लगेज को लेकर नियम पहले से तय हैं, ठीक वैसे ही जैसे हवाई अड्डों पर होते हैं। इसके बावजूद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के प्रमुख स्टेशनों—रायपुर और बिलासपुर—में इन नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां यात्रियों के सामान का वजन तौलने की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है।

तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर सफर

रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन के सभी क्लास के लिए लगेज की मुफ्त और अधिकतम सीमा निर्धारित कर रखी है। इसके बावजूद रविवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि स्लीपर और सेकेंड क्लास के यात्री तय सीमा से कहीं अधिक सामान लेकर यात्रा कर रहे हैं। कई यात्री बोरियों में अनाज और भारी वजन वाले सामान के साथ ट्रेन में सफर करते नजर आए।

लगेज को लेकर क्या हैं नियम?

रेलवे के नियमों के अनुसार—

सेकेंड क्लास: 35 किलो मुफ्त, 70 किलो तक शुल्क देकर

स्लीपर क्लास: 40 किलो मुफ्त, 80 किलो तक अधिकतम

एसी थ्री टियर / चेयरकार: 40 किलो मुफ्त और अधिकतम

फर्स्ट क्लास / एसी टू टियर: 50 किलो मुफ्त, 100 किलो तक

एसी फर्स्ट क्लास: 70 किलो मुफ्त, 150 किलो तक अधिकतम

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि तय मुफ्त सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों से निर्धारित दर से डेढ़ गुना शुल्क वसूला जाएगा।

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आकार को लेकर भी तय हैं नियम

रेलवे के अनुसार 100 सेमी × 60 सेमी × 25 सेमी (लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई) तक के ट्रंक, सूटकेस और बॉक्स को ही यात्री कोच में व्यक्तिगत सामान के रूप में ले जा सकते हैं।
इससे बड़े आकार वाले सामान को ब्रेक वैन या पार्सल वैन में बुक कराना अनिवार्य होगा।

स्टेशन पर बदलेगी व्यवस्था

रेल मंत्री ने लोकसभा में बताया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशनों पर भी लगेज नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए देशभर में स्टेशनों पर नई व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, ताकि नियमों का प्रभावी पालन हो सके।

नियम कागजों में, जमीन पर असर नहीं

रेलवे द्वारा बनाए गए लगेज नियमों का उद्देश्य कोच में यात्रियों को बैठने और आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह देना था, लेकिन स्टेशनों पर ठोस व्यवस्था न होने के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। नतीजतन ट्रेनों में भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है।

रेलवे का पक्ष

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. सुरकर विपुल विलासराव ने बताया कि लगेज को लेकर नियम पहले से लागू हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है।

 

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