वोट चोरी की वजह से बढ़ रहा प्रदूषण… राहुल गांधी ने बीच सभा में कही चौंकाने वाली बात
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट चोरी भाजपा की राजनीतिक डीएनए में है। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।
मोदी की वोट चोरी से देश में प्रदूषण और बेरोजगारी: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी और गलत जीएसटी लागू करके छोटे व्यापारियों को तबाह कर दिया। आज देश में बेरोजगारी, प्रदूषण, छोटे कारोबारियों का पतन और जीएसटी की गलत नीतियां इसलिए हैं क्योंकि मोदी सरकार ‘वोट चोरी’ करके सत्ता में बनी हुई है। अगर वोट चोरी नहीं होती, तो जनता इन्हें मिनटों में सत्ता से बाहर कर देती। उन्होंने कहा कि वोट चोरी संविधान पर हमला है, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बनाया था और जिसमें हर व्यक्ति को एक वोट का अधिकार दिया गया है।
देश में सत्य और असत्य की लड़ाई: राहुल
राहुल गांधी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। एक तरफ आरएसएस-भाजपा की विचारधारा है, जो सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है और शक्ति को सर्वोच्च मानती है। दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा है, जो सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलती है। उन्होंने मोहन भागवत का जिक्र करते हुए कहा कि गांधीजी सत्य को सबसे ऊपर मानते थे, हमारे धर्म में ‘सत्यमेव जयते’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ कहा गया है, लेकिन भागवत जी कहते हैं कि दुनिया शक्ति को मानती है, सत्य का कोई महत्व नहीं। यह आरएसएस की सोच है। हम सत्य और अहिंसा से नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की सरकार को हटाएंगे।
चुनाव आयुक्तों पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम लेकर आरोप लगाया कि ये भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मोदी ने चुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, ताकि ये कुछ भी करें तो कोई कार्रवाई न हो। लेकिन कांग्रेस सत्ता में आने पर इस कानून को बदलकर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
रैली में हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे गूंजते रहे। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशभर से करीब 5.5 करोड़ हस्ताक्षर जुटाए हैं, जिन्हें राष्ट्रपति को सौंपने की योजना है।
