India-Russia Relations: अमेरिकी दबाव के बीच रूस का भारत को समर्थन, पुतिन जल्द करेंगे भारत दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच रूस ने भारत को लेकर साफ संदेश दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने 20 अगस्त को बयान जारी करते हुए कहा कि भारत-रूस के रिश्ते सदियों पुराने हैं और अमेरिकी दबाव या टैरिफ की धमकियों से ये संबंध प्रभावित नहीं होंगे।

भारत-रूस संबंध और अमेरिकी दबाव

भारत में रूसी दूतावास के उप राजदूत रोमन बाबुश्किन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी टैरिफ और दबाव एकतरफा और गलत है। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिमी देश आपकी आलोचना कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मोदी-पुतिन की बातचीत

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की थी। इसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और द्विपक्षीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने लगातार यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आह्वान किया है। भारत की रणनीति यह रही है कि वह अमेरिका और रूस दोनों के साथ संतुलन बनाए रखे। जहां अमेरिका भारत का बड़ा व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार है, वहीं रूस भारत का परंपरागत सहयोगी है। यही कारण है कि भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने की संभावना से इनकार कर दिया।

“भारत पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाएगा रूस”

बाबुश्किन ने कहा कि अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों को हथियार की तरह इस्तेमाल करता है, जिससे डॉलर पर वैश्विक भरोसा भी घट रहा है। उन्होंने साफ किया कि रूस कभी भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही कोई आर्थिक दबाव डालेगा। इसके उलट, रूस ने भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक विशेष प्रणाली तैयार की है, ताकि यह साझेदारी अमेरिकी दबाव से अप्रभावित रह सके।

पुतिन की संभावित भारत यात्रा और त्रिपक्षीय सहयोग

रोमन बाबुश्किन ने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साल के अंत तक भारत का दौरा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा भर सकती है। इसके अलावा रूस ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा को बेहद सफल बताया और उम्मीद जताई कि जल्द ही भारत-रूस-चीन की त्रिपक्षीय बैठक भी होगी।

 

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