सुबह शहीदों का स्टेटस, शाम को सेलिब्रेशन –14 फरवरी पर लोगों की दोहरी सोच

14 फरवरी की तारीख देश के लिए भावनात्मक महत्व रखती है। वर्ष 2019 में इसी दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। हर साल इस दिन लोग सोशल मीडिया पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं, देशभक्ति से जुड़े संदेश और तस्वीरें साझा करते हैं।

इसी दिन दुनिया भर में वैलेंटाइन डे भी मनाया जाता है। भारत में भी युवा वर्ग और दंपत्ति इस दिन को खास बनाने के लिए होटल बुकिंग, डिनर डेट और सरप्राइज प्लान करते हैं। सोशल मीडिया पर प्रेम और उत्सव से जुड़ी पोस्ट भी खूब दिखाई देती हैं।

सोशल मीडिया पर इस दोहरी सोच पर बहस छिड़ गई है। लोग सुबह पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं और देशभक्ति से जुड़े स्टेटस लगाते हैं, वहीं शाम को वैलेंटाइन डे सेलिब्रेशन की तस्वीरें साझा करते नजर आते हैं। ये लोगों की दोहरी सोच को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर आज लोगों का दिल और दिमाग दोनों बंटा दिखा। सुबह-सुबह देशभक्ति के झंडे के साथ पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, और जैसे ही शाम हुई, वही लोग होटल बुकिंग करवा रहे थे और रोमांटिक डिनर की तैयारी में जुट गए।

युवा वर्ग ने #PulwamaTribute और #ValentinesDay दोनों हैशटैग एक साथ ट्रेंड करवा दिए।

हालांकि इस विषय को भी दोनों नजरिए से देखा जाए तो एक और जहां शहीदों का सम्मान और निजी जीवन का उत्सव अलग-अलग विषय हैं, जिन्हें एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर ये भी सोचने वाली बात है की 14 फरवरी हमारे भारत के लिए एक ‘काला दिन’ था| अगर हम सच में अपने शहीदों को इस दिन नमन करना चाहते हैं और उनके बलिदान का सम्मान करते है तो हमें इस दिन को एक ‘काले दिन’ के रूप में ही देखना चाहिए और वैलेंटाइन सेलिब्रेशन या और किसी तरह के उत्सव को नहीं मनाना चाहिए। क्यूंकि ये कही न कही लोगों की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

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