प्रदर्शनकारियों ने रोका भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का काफिला, BJP नेता ने प्रदर्शनकारी को जड़ा थप्पड़, फिर सड़क पर हुआ जमकर हंगामा
दुर्ग (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर से लागू नई जमीन गाइडलाइन दरों के खिलाफ रियल एस्टेट कारोबारियों और ब्रोकर्स का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार (24 नवंबर) को दुर्ग के पटेल चौक पर रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे जमीन कारोबारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के काफिले को रोक लिया।
नारेबाजी के बीच भाजपा नेताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई, जिसमें एक भाजपा नेता पर प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगा। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत किया। यह घटना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई समेत कई जिलों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है, जहां ब्रोकर्स ने गाइडलाइन को “जनविरोधी” बताते हुए रजिस्ट्री रोकने की चेतावनी दी है।
पटेल चौक पर काफिले को घेरा, नारेबाजी और बवाल
जानकारी के अनुसार, किरण सिंह देव दुर्ग में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। जैसे ही उनका काफिला पटेल चौक के पास पहुंचा, रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों जमीन कारोबारियों ने सड़क जाम कर दी। उन्होंने “गाइडलाइन वापस लो”, “रजिस्ट्री शुल्क कम करो” जैसे नारे लगाए और काफिले को रोक लिया। भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन सहित भिलाई के अन्य पदाधिकारियों ने काफिले से उतरकर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिससे धक्कामुक्की शुरू हो गई।
https://www.instagram.com/reel/DReBO2CAnvZ/?igsh=cHV6am5yejE1ODJx
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस दौरान एक भाजपा नेता ने एक कारोबारी को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें नारेबाजी और तनाव साफ दिख रहा है। कारोबारियों ने थप्पड़ की शिकायत सिटी कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन मीडिया से बचने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत बीच-बचाव किया और काफिले को आगे बढ़ाया। दुर्ग एसपी ने कहा, “घटना शांतिपूर्ण रही। शिकायत पर जांच की जा रही है।”
बाजार रेट से 300% तक बढ़ोतरी, रजिस्ट्री ठप
यह विरोध 19 नवंबर को जारी अधिसूचना पर केंद्रित है, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन दरों में 20-300% तक वृद्धि की गई। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, अंबिकापुर समेत कई जिलों में सरकारी दरें बाजार मूल्य से कई गुना ऊंची हो गईं। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट ब्रोकर्स एसोसिएशन ने इसे “आर्थिक बोझ” बताते हुए रजिस्ट्री रोकने का ऐलान किया।
प्रमुख मांगें:
दरों में वृद्धि वापस: 11 नवंबर की अधिसूचना को अवैध बताते हुए रद्द करने की मांग।
एक समान दरें: आवासीय-व्यावसायिक जमीन पर प्रति वर्ग मीटर एकरूपता।
वार्षिक बढ़ोतरी रद्द: 0.30% और 0.60% की अनुचित वृद्धि हटाई जाए।
छूट बहाल: पंजीयन शुल्क 4% पर सीमित, ऊपरी मंजिलों पर निर्माण छूट यथावत।
पुनः जांच: जहां सरकारी दर बाजार से ज्यादा, वहां नई दरें तय हों।
क्रेडाई ने कहा कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर ठप हो जाएगा। ब्रोकर्स ने 25 नवंबर को बड़ा धरना देने का ऐलान किया।
“समस्याओं का समाधान करेंगे”
किरण सिंह देव ने घटना पर चुप्पी साधी, लेकिन भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी गाइडलाइन के फायदे समझाएगी। जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने कहा, “प्रदर्शनकारी भ्रमित हैं। सरकार से बात कर समाधान निकालेंगे।” विपक्ष कांग्रेस ने इसे “सरकारी अहंकार” बताया।
