यौन शोषण के आरोपों के बीच शंकराचार्य बोले– “भागूंगा नहीं, पुलिस का सामना करूंगा”
प्रयागराज। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों से यौन शोषण के गंभीर आरोपों में मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर 21 फरवरी 2026 को झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई, जिसमें शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
FIR POCSO एक्ट की धाराओं 3, 4(2), 5, 6, 9, 17 सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज है। आरोप माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान उनके शिविर/आश्रम में दो नाबालिग बच्चों (14 और 17 वर्ष) के साथ यौन शोषण के हैं। शिकायतकर्ता शाकंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने पहले पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर 8 फरवरी को स्पेशल POCSO कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने पीड़ितों के बयान, शपथ-पत्र और प्रारंभिक जांच के आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।
FIR दर्ज होने के बाद प्रयागराज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एक टीम काशी (वाराणसी) पहुंची है, जहां शंकराचार्य का मठ है। टीम ने सोमवार रात भेलूपुर थाने पर जानकारी ली, मठ का नक्शा तैयार किया और करीबियों के बारे में पूछताछ की। आज (मंगलवार) टीम मठ जाकर शंकराचार्य का बयान दर्ज कर सकती है। जरूरत पड़ने पर पूछताछ के लिए गिरफ्तारी भी संभव है। रविवार को पुलिस आशुतोष महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची, शिविर के रास्तों और आसपास का नक्शा बनाया।
शंकराचार्य का पक्ष: आरोप झूठे, साजिश है
शंकराचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “मैं कहीं भाग नहीं रहा, पुलिस का सामना करूंगा। जिन बच्चों पर आरोप है, वे मेरे गुरुकुल के नहीं हैं। वे हरदोई के स्कूल के छात्र हैं।” उन्होंने दावा किया कि यूपी पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं, जांच किसी गैर-बीजेपी शासित राज्य की पुलिस से हो।
उन्होंने आगे कहा कि शाहजहांपुर से एक परिवार उनके पास आया, जिसने बताया कि आशुतोष महाराज ने उन्हें लालच/धमकी देकर नाबालिग बेटियों के नाम पर आरोप लगवाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। शंकराचार्य ने इसे सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश बताया।
मामले में राजनीतिक रंग चढ़ गया है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, क्योंकि शंकराचार्य ने कुंभ की अव्यवस्थाओं पर सरकार से सवाल किए थे। अजय राय आज शंकराचार्य से मिलने आ सकते हैं।
शंकराचार्य के आश्रम पर ऑल इंडिया बार काउंसिल के को-चेयरमैन श्रीनाथ त्रिपाठी समेत कई वकील और राजनीतिक नेताओं का जमावड़ा लगा है। सभी उनके पक्ष में केस लड़ने को तैयार हैं।
