बस्तर पंडुम 2026 का उद्घाटन करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू, जानिए अब तक कौन-कौन राष्ट्रपति कर चुके हैं बस्तर दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने बस्तर प्रवास के दौरान बस्तर पंडुम 2026 के अंतर्गत लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का गहन निरीक्षण करेंगी। इन स्टॉलों में बस्तर अंचल की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाएं, जनजातीय शिल्प, लोक आभूषण, पारंपरिक परिधान और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। राष्ट्रपति इन प्रदर्शनों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और रचनात्मक परंपराओं को नजदीक से देखेंगी।
कलाकारों और शिल्पकारों से होगा सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रपति विभिन्न जनजातीय कलाकारों, कारीगरों और शिल्पकारों से आमने-सामने संवाद करेंगी। वे उनके कार्य, कला-प्रक्रिया, पारंपरिक ज्ञान और आजीविका से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त करेंगी। यह संवाद कलाकारों के लिए न केवल प्रेरणादायक होगा, बल्कि उनकी कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशिष्ट अतिथियों से मुलाकात, समूह छायाचित्रण का कार्यक्रम
इस अवसर पर राष्ट्रपति की विशिष्ट अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भेंट का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान समूह छायाचित्रण किया जाएगा, जो बस्तर पंडुम 2026 की ऐतिहासिक स्मृति के रूप में दर्ज होगा। प्रदर्शनी अवलोकन के पश्चात राष्ट्रपति मुख्य समारोह स्थल पर पहुंचेंगी, जहां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से होगी, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
जनजातीय संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति
समारोह के दौरान बस्तर की अनूठी पहचान को दर्शाते हुए पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत, और पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। ये प्रस्तुतियां बस्तर की जनजातीय परंपराओं, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत करेंगी।
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राष्ट्रपति का संबोधन रहेगा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम में पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल द्वारा संबोधन किया जाएगा। इसके पश्चात कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करेंगी। उनका संबोधन जनजातीय समाज, संस्कृति संरक्षण और क्षेत्रीय विकास के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य समारोह के समापन के पश्चात राष्ट्रपति जगदलपुर से रायपुर होते हुए नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं।
बस्तर आने वाली पांचवीं राष्ट्रपति बनेंगी द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि वे बस्तर पहुंचने वाली पांचवीं राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले 23 मार्च 1953 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद बस्तर प्रवास पर आए थे। उस समय बस्तर की परिस्थितियां आज से बिल्कुल भिन्न थीं, और वह दिन आज भी इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है।
राष्ट्रपति प्रवास की ऐतिहासिक कड़ी
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बाद करीब 51 वर्षों के लंबे अंतराल के पश्चात 4 जून 2004 को राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बस्तर पहुंचे थे। इसके बाद 29 सितंबर 2008 को राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, 25-26 जुलाई 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बस्तर आए। अब लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बस्तर आगमन हो रहा है।
