PM Modi on Operation Sindoor: वाराणसी में पीएम मोदी का संबोधन, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को बताया जनता की एकता और महादेव का आशीर्वाद
PM Modi on Operation Sindoor
वाराणसी। PM Modi on Operation Sindoor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में आयोजित विराट किसान उत्सव के मंच से पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले में 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस समय बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की थी कि पीड़ित परिवारों को दुख सहने की शक्ति दें।
पीएम मोदी ने कहा, “मैंने अपनी बेटियों के सिंदूर का बदला लेने का जो वचन दिया था, वो महादेव के आशीर्वाद से पूरा हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को मैं बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित करता हूं। 140 करोड़ देशवासियों की एकता ही इसकी असली ताकत बनी।”
#WATCH | वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर जवानों के पराक्रम का वह पल और आज किसानों को प्रणाम करने का अवसर। आज यहां एक विराट किसान उत्सव का आयोजन हो रहा है। देश के 10 करोड़ किसान भाई-बहनों के खातों में 21 हजार करोड़ रुपये PM किसान सम्मान निधि के रूप में… pic.twitter.com/4VwMh9iKf6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 2, 2025
किसानों के लिए नई योजना की घोषणा
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर किसानों के लिए एक नई पहल का ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर 24 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना का फोकस उन जिलों पर होगा, जो पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण विकास की राह में पिछड़ गए थे।
किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी
पीएम मोदी ने बताया कि देश के 10 करोड़ किसानों के खातों में 21 हजार करोड़ रुपये पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने कहा, “काशी से जब धन जाता है तो वह अपने आप प्रसाद बन जाता है।”
काशी में विकास कार्यों का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने वाराणसी में 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के आशीर्वाद से काशी में विकास की धारा अविरल गति से आगे बढ़ रही है।
सावन और शिवभक्ति का जिक्र
पीएम मोदी ने सावन के पावन माह और काशी की आध्यात्मिकता का जिक्र करते हुए कहा, “सावन के पहले सोमवार को शिवभक्तों की गंगाजल यात्रा और डमरू की गूंज का दृश्य अद्भुत होता है। मेरी भी इच्छा थी कि बाबा विश्वनाथ और मार्कंडेय महादेव के दर्शन करूं, लेकिन भक्तों को असुविधा न हो, इसलिए मैं यहीं से भोलेनाथ और मां गंगा को प्रणाम कर रहा हूं।”
श्रेष्ण भारत की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे वहां राजेंद्र चोल द्वारा बनवाए गए एक हजार साल पुराने मंदिर में गंगाजल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि राजेंद्र चोल ने गंगाजल के जरिए उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ा था और एक भारत, श्रेष्ण भारत की परंपरा को आगे बढ़ाया था।
पीएम मोदी ने कहा, “आज देश की एकता की हर पहल हमें नई चेतना देती है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही ऑपरेशन सिंदूर सफल हो पाया।”
