PM Modi Lok Sabha Speech: पीएम मोदी का संबोधन ऐन वक्त पर स्थगित, विपक्ष के हंगामे से बढ़ा तनाव

PM Modi Lok Sabha Speech: लोकसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर पूरे दिन उत्सुकता बनी रही। माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील और चीन को लेकर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब देंगे। सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि प्रधानमंत्री शाम पांच बजे लोकसभा में बोलेंगे।

लेकिन जैसे ही शाम पांच बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, हालात अचानक बदल गए। आसन पर बैठीं संध्या राय ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए बीजेपी सांसद पी.पी. चौधरी को आमंत्रित किया। चौधरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, उसी दौरान सदन में हंगामा तेज हो गया और कुछ ही पलों बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी सदन में आने वाले थे, लेकिन इससे पहले विपक्षी सांसदों ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान को लेकर तीखी घेराबंदी शुरू कर दी। विपक्षी सांसद जनरल नरवणे की किताब से जुड़ा एक बड़ा बैनर लेकर सदन में पहुंचे थे। इस दौरान विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ना शुरू कर दिया और वे सत्ता पक्ष की कतारों के काफी करीब पहुंच गईं।

हालात बिगड़ते देख बीजेपी सांसद भी आगे बढ़ने लगे, जिससे सदन में अप्रिय स्थिति बनने की आशंका पैदा हो गई। स्थिति को संभालने के लिए तुरंत सदन की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया गया। सुरक्षा को देखते हुए मार्शलों को अलर्ट किया गया और विपक्ष की महिला सांसदों के आक्रामक रुख को देखते हुए बड़ी संख्या में महिला मार्शलों को भी तैनात किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं दिया गया, तो विपक्ष भी सरकार के सदस्यों को बोलने नहीं देगा। इसके बाद दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा।

विपक्षी सांसद लोकसभा स्पीकर से मिले और निशिकांत दुबे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विपक्ष के तेवर काफी तीखे थे। स्पीकर ने विपक्ष को शाम चार बजे तक कार्रवाई के बारे में जानकारी देने की बात कही थी।

इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भी स्पीकर से मिलने पहुंचे और इसी दौरान निशिकांत दुबे को भी बुलाया गया। बाद में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। एक ओर राहुल गांधी से जुड़े मुद्दे हैं, तो दूसरी ओर निशिकांत दुबे के नेहरू और इंदिरा गांधी को लेकर दिए गए बयानों ने राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

अब सवाल यह है कि प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को लोकसभा में अपना जवाब कब और कैसे देते हैं। हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री को बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में जवाब देना था। फिलहाल राज्यसभा की कार्यवाही अब तक सुचारू रूप से चल रही है।

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