1,114 बसें बिना वैध परमिट के सड़कों पर दौड़ रहीं, परिवहन विभाग ने जारी किए नोटिस
रायपुर: छत्तीसगढ़ की सड़कों पर इस समय बड़ी संख्या में यात्री बसें ऐसी हैं, जिनके परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी है, फिर भी वे अवैध रूप से संचालन में हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे 1,114 बस संचालकों और मालिकों को नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब इन वाहनों के मालिकों को या तो अपने परमिट का नवीनीकरण कराना होगा या परमिट रद्द कर दिए जाएंगे।
पांच साल की वैधता, फिर जरूरी है नवीनीकरण
मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत किसी भी स्थायी परमिट की वैधता अधिकतम पांच वर्षों तक होती है। नियमानुसार, परमिट समाप्ति की तिथि से कम से कम 15 दिन पहले नवीनीकरण का आवेदन देना अनिवार्य है। लेकिन अनेक बस संचालकों ने इस नियम की अनदेखी की, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
सरकारी राजस्व को हो रहा नुकसान
परिवहन विभाग राज्य सरकार के लिए एक बड़ा राजस्व स्रोत है। हर परमिट नवीनीकरण पर उतनी ही फीस लगती है जितनी नए परमिट पर। बड़ी संख्या में नवीनीकरण न होने से सरकार को करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह भी सवाल उठ रहा है कि बिना वैध परमिट बसों का संचालन लगातार कैसे हो रहा है।
नाके और उड़न दस्ते निष्क्रिय?
इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य भर में परिवहन विभाग के नाके और उड़न दस्ते तैनात हैं, जिनका काम ही नियमों की निगरानी है। फिर ऐसे में ये बिना परमिट वाहन जांच से कैसे बचते रहे? क्या विभागीय निगरानी तंत्र निष्क्रिय हो गया है?
सात दिन में मांगा जवाब
परिवहन विभाग ने जिन बस मालिकों को नोटिस जारी किए हैं, उन्हें सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। यदि किसी वाहन का परमिट नवीनीकरण हो चुका है या समर्पित कर दिया गया है, तो संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे ताकि वाहन 4.0 पोर्टल पर जानकारी अपडेट की जा सके। यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो परमिट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
