लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर फेंके कागज, रवि किशन बोले – “सड़कछाप” जैसी हरकत
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को बड़ा हंगामा देखने को मिला। गृह मंत्री अमित शाह जब तीन अहम विधेयक पेश कर रहे थे, तभी विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध किया। विधेयक की प्रतियां फाड़कर विपक्षी सांसदों ने उन्हें शाह की ओर फेंका। कुछ सांसदों ने कागज को गोले बनाकर उनकी तरफ उछाला। इस घटना ने सदन की गरिमा को गहरा आघात पहुंचाया।
तीन अहम विधेयकों पर विवाद
गृह मंत्री अमित शाह ने जिन तीन विधेयकों को लोकसभा में पेश किया, उनमें यह प्रावधान शामिल है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री यदि किसी गंभीर अपराध में गिरफ्तार होकर 30 दिनों से अधिक हिरासत में रहता है, तो उसे अपने पद से हटना होगा। इस प्रस्ताव पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई और हंगामा शुरू कर दिया।
रवि किशन का तीखा हमला
भाजपा सांसद रवि किशन ने विपक्षी व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा –
“मैं इस घटना की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं। विपक्ष ने गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं। अभद्र भाषा का प्रयोग किया और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। मैंने अपने जीवन में कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा।”
रवि किशन ने यहां तक कह दिया कि विपक्षी सांसदों ने “सड़कछाप” जैसी हरकतें कीं।
कांग्रेस का पलटवार और शाह का जवाब
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा कि जब अमित शाह खुद गिरफ्तार हुए थे, तो क्या उन्होंने नैतिकता दिखाई थी? इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि जब उन्हें झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब उन्होंने इस्तीफा देकर अपनी नैतिकता साबित की थी। उन्होंने कहा कि जब तक अदालत से निर्दोष साबित नहीं हुए, तब तक किसी संवैधानिक पद को नहीं संभाला था।
संयुक्त संसदीय समिति को भेजी गई बिल की सिफारिश
तीनों विधेयकों को पेश करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने इन्हें संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजने की सिफारिश की। हालांकि, विपक्ष इस कदम से भी संतुष्ट नहीं हुआ और पूरे सत्र के दौरान नारेबाजी और हंगामा चलता रहा।
