Pakistan : पेशावर में फ्रंटियर कोर मुख्यालय पर हमला, 3 एफसी कर्मियों की मौत, दो विस्फोटों के बाद भारी गोलीबारी
पेशावर (पाकिस्तान)। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर शहर में सोमवार सुबह फ्रंटियर कोर (एफसी) मुख्यालय पर चरमपंथियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें दो विस्फोटों के बाद भारी गोलीबारी हुई। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने घटना में तीन एफसी कर्मियों की मौत की पुष्टि की है। पेशावर सदर स्थित एफसी मुख्यालय घनी आबादी वाले इलाके में है, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई।
दो सुसाइड बॉम्बरों ने तोड़ा मुख्य द्वार
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे दो सुसाइड बॉम्बरों ने एफसी मुख्यालय के मुख्य द्वार पर हमला किया और खुद को उड़ा लिया। इसके बाद हथियारबंद चरमपंथियों ने अंदर घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। पेशावर कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) मियां सईद ने बताया, “एफसी मुख्यालय पर हमला हो रहा है। हम जवाब दे रहे हैं और इलाके को घेर लिया गया है।” सुरक्षा बलों ने काउंटर ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिसमें सेना और पुलिस शामिल हैं। अधिकारियों ने संदेह जताया है कि कुछ आतंकी अभी भी मुख्यालय के अंदर छिपे हो सकते हैं।
लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम के मुताबिक, अब तक पांच घायलों को भर्ती किया गया है, जिनकी चोटें मामूली हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विस्फोटों की आवाज और गोलीबारी की तस्वीरें साफ दिख रही हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सदर क्षेत्र में दो जोरदार धमाके सुनाई दिए, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले: हालिया घटनाओं का सिलसिला
यह हमला पाकिस्तान में तेज हो रही आतंकी गतिविधियों की कड़ी का हिस्सा लगता है। नवंबर 2025 में ही इस्लामाबाद के जिला कोर्ट के बाहर एक सुसाइड बॉम्बिंग में 12 लोग मारे गए थे। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और अन्य समूहों के हमले बढ़े हैं। फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (एफसी), जो अब फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के नाम से जाना जाता है, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का प्रमुख जिम्मा संभालती है। जुलाई 2025 में सरकार ने इसका नाम बदल दिया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान सीमा के पास सक्रिय चरमपंथी समूहों की घुसपैठ बढ़ रही है। गृह मंत्रालय ने कहा कि पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और ऑपरेशन जारी है। अभी हमलावरों की पहचान या जिम्मेदारी का दावा नहीं हुआ है, लेकिन टीटीपी या आईएसआईएस-के जैसे संगठनों पर शक है।
पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि हमलावरों को घेर लिया गया है और कोई भी आतंकी भाग नहीं सकेगा। इस घटना से पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, खासकर पेशावर जैसे प्रमुख शहर में। अधिक अपडेट का इंतजार है।
