Pakistan Police Brutality: निहत्थे लोगों पर फायरिंग के बाद अब पत्रकारों पर हमला, प्रेस क्लब में घुसी पुलिस, पत्रकारों को बुरी तरह पीटा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)। PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ पिछले कई दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शन को दबाने के प्रयास में पुलिस और सुरक्षा बलों ने बुधवार को निहत्थे लोगों पर फायरिंग की, जिसमें 8 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए। अब इस आंदोलन को कवर कर रहे पत्रकारों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

इस्लामाबाद प्रेस क्लब पर हमला

गुरुवार को इस्लामाबाद के प्रेस क्लब पर पुलिस ने अचानक छापा मारा और वहां विरोध कर रहे पत्रकारों तथा लोगों पर लाठीचार्ज किया। यह प्रदर्शन PoK में अत्याचारों और इंटरनेट ब्लैकआउट के खिलाफ था। पुलिस का दावा है कि पत्रकारों को गलती से निशाना बनाया गया।

पत्रकारों की पीट-पीट कर कुटाई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, तो कुछ प्रदर्शनकारी प्रेस क्लब के अंदर चले गए। पुलिस उनका पीछा करती हुई क्लब के भीतर गई और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पत्रकारों ने जैसे ही मोबाइल और कैमरे से रिकॉर्ड करने की कोशिश की, उन्हें भी पीटा गया। घटना में कम से कम दो फोटोग्राफर और तीन कर्मचारियों को चोटें आईं, साथ ही कई कैमरे और मोबाइल तोड़ दिए गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें पुलिस द्वारा पत्रकारों पर बेरहमी से हमला किया जा रहा है।

सरकारी प्रतिक्रिया और माफी

वीडियो वायरल होने के बाद पूरे पाकिस्तान में आक्रोश फैल गया। वरिष्ठ पत्रकारों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने जांच के आदेश दिए और कहा कि पत्रकारों पर हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी प्रेस क्लब पहुंचे और पत्रकारों से माफी मांगी। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बदसलूकी की थी, जिसके चलते पुलिस क्लब के अंदर गई, लेकिन पत्रकारों के साथ झड़प हो गई। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “आपकी आवाजें ही हमें जनता तक पहुंचाती हैं, हम बोलने की आजादी के समर्थक हैं।”

PoK में सब्सिडी कटौती के विरोध में प्रदर्शन

PoK में बुनियादी जरूरतों पर सब्सिडी कटौती के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) की अपील पर हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार पर महंगाई पर नियंत्रण न रखने और मौलिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। वे PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च कर रहे हैं और सरकार के सामने 38 मांगें रखी हैं, जिनमें PoK विधानसभा की 12 रिजर्व सीटें खत्म करने की मांग शामिल है।

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