Pakistan Admits ‘India Hit Key Airbases’: ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की चुप्पी टूटी, इशाक डार ने किया कबूल – भारत ने दो एयरबेस पर किए ब्रह्मोस हमले
Pakistan Admits ‘India Hit Key Airbases’
Pakistan Admits ‘India Hit Key Airbases’: पाकिस्तान लंबे समय से भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर सच्चाई छिपाता रहा, लेकिन अब खुद पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने टीवी चैनल जियो न्यूज पर बातचीत के दौरान यह स्वीकार कर लिया है कि भारत ने 7 मई को रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस और शोरकोट एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइल से हमले किए थे। यह हमला भारत की ओर से 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था।
भारत के हमले से चौंका पाकिस्तान
इशाक डार ने अपने बयान में कहा कि भारतीय हमले ठीक उस समय हुए जब पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई की योजना बना रहा था।
“भारत ने इतनी तेजी से हमला किया कि हम पूरी तरह चौंक गए,” – इशाक डार।
उन्होंने यह भी बताया कि हमले के महज 45 मिनट बाद ही सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने उनसे संपर्क किया और पूछा कि क्या वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को यह संदेश दे सकते हैं कि पाकिस्तान तनाव कम करने को तैयार है।
पहले इनकार, अब सच सामने
अब तक पाकिस्तान सरकार और सेना बार-बार यह कहती रही थी कि भारत ने कोई प्रभावी हमला नहीं किया और पाकिस्तान ने इसका “मुंहतोड़ जवाब” दिया। लेकिन इशाक डार के कबूलनामे के बाद यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान सच छिपा रहा था और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से पूरी तरह हिल चुका था।
सऊदी अरब और अमेरिका की मध्यस्थता की कोशिश
इशाक डार ने यह भी बताया कि हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अमेरिका से संपर्क किया और सऊदी अरब ने बीच-बचाव की पहल की।
डार के मुताबिक, सऊदी प्रिंस ने स्थिति को शांत करने के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच एक कूटनीतिक सेतु बनने की इच्छा जताई थी।
पीएम शरीफ का भी बदला बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हाल ही में एक इंटरव्यू में पहली बार माना कि भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों से हमला किया, जिसमें रावलपिंडी हवाई अड्डा और कई अन्य ठिकाने निशाना बने। शरीफ ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने 10 मई को सुबह 4:30 बजे जवाबी हमले की योजना बनाई थी, लेकिन 9-10 मई की रात भारत के दूसरे दौर के हमलों ने वह योजना विफल कर दी।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर: सीमित लेकिन सटीक जवाब
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह रणनीतिक और सीमित सैन्य कार्रवाई के रूप में अंजाम दिया था। इसका उद्देश्य केवल पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों और सैन्य समर्थन ढांचों को निशाना बनाना था। भारतीय वायुसेना ने सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तान की सैन्य तैयारी चरमरा गई और जवाब देने की स्थिति ही नहीं बची।
निष्कर्ष: पाकिस्तान की पर्देदारी का पर्दाफाश
अब जब पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों ने भारत के हमले की पुष्टि कर दी है, यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान शुरू से ही दुनिया को गुमराह कर रहा था। भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ पाकिस्तान को रणनीतिक स्तर पर झटका दिया, बल्कि कूटनीतिक रूप से भी उसे बैकफुट पर ला खड़ा किया है।
अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान आने वाले समय में भारत के कड़े रुख और सैन्य ताकत को गंभीरता से लेना शुरू करेगा, या फिर एक बार फिर झूठ की चादर ओढ़ने की कोशिश करेगा?
