Oracle Layoff: एक झटके में 30 हजार कर्मचारी बेरोजगार, ओरेकल की छंटनी से IT सेक्टर में हड़कंप

Oracle Layoff

Oracle Layoff

Oracle Layoff: अमेरिकी टेक कंपनी Oracle Corporation को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने भारत में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है, जिससे आईटी सेक्टर में चिंता का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और आने वाले समय में और कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है।

भारत में सबसे ज्यादा असर

जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जिसमें भारतीय कर्मचारियों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है। भारत में ही लगभग 12,000 कर्मचारी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कंपनी की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों ने इस छंटनी की पुष्टि की है।

ऑपरेशनल बदलाव बना कारण

कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में बताया गया है कि कंपनी अपने संचालन को सरल और प्रभावी बनाने के लिए संरचनात्मक बदलाव कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत कई पदों को समाप्त किया गया है, जिसके चलते कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ा है।

कर्मचारियों को मिलेगा मुआवजा

छंटनी के बाद कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की घोषणा की गई है। इसके तहत एक साल या उससे अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों को 15 दिन की सैलरी के बराबर मुआवजा दिया जाएगा।

इसके अलावा, टर्मिनेशन तक की सैलरी, अवकाश नकदीकरण (लीव इनकैशमेंट), ग्रेच्युटी (यदि लागू हो) और नोटिस पीरियड की सैलरी भी शामिल होगी। कंपनी ने अतिरिक्त दो महीने की सैलरी देने का विकल्प भी दिया है, लेकिन यह केवल उन कर्मचारियों के लिए है जो आपसी सहमति से इस्तीफा देते हैं।

भारतीय कर्मचारियों पर ज्यादा असर क्यों?

कुछ पूर्व कर्मचारियों का दावा है कि अमेरिका में सख्त श्रम कानूनों के कारण वहां छंटनी करना मुश्किल होता है, जिसके चलते भारत जैसे देशों में अधिक कर्मचारियों को प्रभावित किया गया। एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि उन्हें पहले ही नौकरी से निकाला जा चुका है और इस प्रक्रिया में भारतीय कर्मचारियों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है।

 IT सेक्टर के लिए चिंता का संकेत

Oracle की यह छंटनी न केवल भारत बल्कि वैश्विक आईटी उद्योग के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है। लगातार हो रही छंटनी से यह संकेत मिल रहा है कि टेक कंपनियां अपने खर्च और संसाधनों को लेकर सतर्क हो रही हैं।

 

read more : नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी महंगे, आम लोगों पर बढ़ा बोझ

Youthwings