Operation Sindoor: ‘काश मैं भी मारा जाता…’ – परिवार के 14 लोगों की मौत पर मसूद अजहर का फूट-फूट कर रोते हुए बयान

Operation Sindoor: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के पंजाब और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमले किए, जिससे इन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 14 लोग भी मारे गए हैं, जिनमें उसकी बहन और अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हैं।

मसूद अजहर का बयान: “काश मैं भी मर जाता”

Operation Sindoor: भारतीय हमले के बाद मसूद अजहर ने एक चिट्ठी जारी करते हुए कहा, “दिल करता है कि काश मैं भी इस हमले में मर जाता।” इसके साथ ही जैश-ए-मोहम्मद ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि मसूद अजहर की बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां, और बाजी सादिया के पति समेत उसकी सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे घायल हुए हैं। इस हमले में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं। अजहर के परिवार के सदस्यों को 7 मई 2025 को दफनाया जाएगा।

हमले में बहावलपुर का भी हुआ नुकसान:

भारतीय हवाई हमलों में पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को भी नुकसान पहुंचा। भारतीय सेना ने पंजाब में 4 और पीओके में 5 ठिकानों पर हमला किया। इन ठिकानों में से कुछ ऐसे थे जहां 2008 के मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकी अजमल कसाब और डेविड हेडली ने ट्रेनिंग ली थी।

ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना का स्पष्ट संदेश:

Operation Sindoor: भारतीय सेना के इस ऑपरेशन ने साफ संदेश दिया है कि आतंकी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस हमले के सबूत के तौर पर वीडियो पेश किए, जिनमें तबाह किए गए आतंकी शिविरों की तस्वीरें थीं, जिसमें मुरीदके और अन्य ठिकानों को भी दिखाया गया। इस कार्रवाई ने आतंकवादियों के लिए न केवल एक बड़ा झटका दिया है, बल्कि भारतीय सेना की ताकत और निर्णायक कदम को भी दुनिया के सामने उजागर किया है।

 

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