VIDEO : सूदखोर वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी, बनियान में लाया गया रायपुर, भाई रोहित तोमर अभी फरार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी तोमर को पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर रायपुर ला पहुंचाया है। गिरफ्तारी के बाद सामने आई पहली तस्वीर में आरोपी पुलिस हिरासत में बनियान और लोअर पहने नजर आ रहा है। पुलिस जल्द ही उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर की तलाश अभी जारी है, जबकि दोनों भाइयों के खिलाफ जून में मात्र 30 दिनों के अंदर 7 एफआईआर दर्ज हो चुकी थीं।
तोमर ब्रदर्स के खिलाफ जून में 7 एफआईआर: मारपीट से सूदखोरी तक के आरोप
जून महीने में तोमर बंधुओं के खिलाफ मारपीट, वसूली, ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी जैसे गंभीर अपराधों के 7 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें एक मामला तेलीबांधा थाने का और छह पुरानी बस्ती थाने के हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद 2 जून से दोनों भाई फरार हो गए थे। पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद वे गिरफ्त से बचने के लिए कानूनी दांव-पेंच अपनाते रहे, लेकिन हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत स्वीकार कर ली है।
वीरेंद्र तोमर पर पुराने आपराधिक मामले
2006: आजाद चौक थाने में एक कारोबारी पर चाकू से हमला।
2010: गुढ़ियारी में व्यापारी से पैसे को लेकर मारपीट।
2013: हत्या का केस।
2016: मारपीट का मामला।
2017: एक महिला को धमकाने का आरोप।
2019: पुरानी बस्ती थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना का केस।
2019: हलवाई लाइन के व्यापारी द्वारा ब्लैकमेलिंग की शिकायत।
रोहित तोमर पर दर्ज मामले
2015: एक महिला द्वारा अप्राकृतिक कृत्य की रिपोर्ट।
2016: पुरानी बस्ती में एक युवक द्वारा मारपीट का केस।
201: भाठागांव की महिला द्वारा मारपीट और धमकी की शिकायत।
2018: भाठागांव की महिला द्वारा ब्लैकमेलिंग का आरोप।
2019: कोतवाली थाने में एक महिला द्वारा सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का केस।
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लोकेशन बदल-बदलकर बचते रहे फरार: मध्यप्रदेश में राजनेताओं से लगाए हाथ
गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों भाइयों ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और अंततः मध्यप्रदेश का रुख किया। मध्यप्रदेश में उन्होंने कुछ स्थानीय राजनेताओं से मुलाकात कर मदद मांगी। वीरेंद्र ग्वालियर में एक किराए के मकान में छिपा हुआ था। जांच में पता चला कि वे मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमाओं पर लगातार घूमते रहे ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। पुलिस ने वीरेंद्र की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, लेकिन रोहित की तलाश तेज कर दी गई है। विशेष टीम उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से शहर में सक्रिय सूदखोरी के नेटवर्क पर करारा प्रहार पड़ेगा। वीरेंद्र को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी, जिसमें रोहित के ठिकाने का सुराग मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों और महिलाओं में इस गिरफ्तारी को लेकर राहत की सांस ली जा रही है, जो लंबे समय से इनका शिकार बने हुए थे।
