दिल्ली AI इंपैक्ट समिट में चोरी… CEO का दावा- हाई सिक्योरिटी जोन से गायब हो गए डिवाइस
नई दिल्ली। भारत में पहली बार आयोजित हो रहे AI इंपैक्ट समिट (AI Impact Summit) के पहले दिन ही एक हैरान करने और शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। NeoSapien नाम की कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर धनंजय यादव ने आरोप लगाया है कि उनके स्टॉल से AI वियरेबल डिवाइस चोरी हो गए। धनंजय यादव के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनी क्षेत्र (एक्सपो एरिया) खाली कराया जा रहा था।
सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में लिखा, “AI इंपैक्ट समिट का पहला दिन हमारे लिए दर्दभरा रहा।” उन्होंने बताया कि वह इस समिट को लेकर बेहद उत्साहित थे, क्योंकि यह पहली बार भारत में हो रहा था। यादव ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस इकोसिस्टम और सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहता था। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह चौंकाने वाला था।”
कैसे हुई चोरी? सीईओ का दावा
धनंजय यादव ने विस्तार से बताया कि दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले करीब 12 बजे से एक्सपो एरिया में सख्त सुरक्षा जांच शुरू हो गई थी। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि उनकी कंपनी ने भारत में पहली बार पेटेंटेड AI वियरेबल बनाए हैं और उन्हें प्रदर्शित करने का मौका दिया जाए। एक अधिकारी ने कथित तौर पर उन्हें वहीं रहने की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन बाद में कुछ अन्य सुरक्षाकर्मी पहुंचे और तुरंत वहां से हटने को कहा।
यादव का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों के बीच समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्होंने कहा, “लगता है कि उनके बीच समन्वय का अभाव था।” सीईओ के मुताबिक, उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या वे अपने AI वियरेबल डिवाइसेज साथ ले जाएं। कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि अन्य लोग भी अपने लैपटॉप और सामान वहीं छोड़कर जा रहे हैं और सुरक्षाकर्मी उनकी देखभाल करेंगे।
उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की बात पर भरोसा करते हुए अपना सामान बूथ पर ही छोड़ दिया था। NeoSapien के सीईओ के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि डिवाइसेज सुरक्षित रहेंगे और संभव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर भी उन पर पड़ जाए। यादव ने कहा, “मुझे उम्मीद थी कि सामान सुरक्षित रहेंगे और यदि मैं भाग्यशाली रहा तो PM मोदी की इन पर नजर पड़ सकती है।”
उनके मुताबिक, समिट एरिया के गेट करीब छह घंटे तक बंद रहे। जब उन्हें वापस अपने स्टॉल पर जाने की अनुमति मिली और वे बूथ पर पहुंचे, तो वियरेबल डिवाइसेज गायब देखकर हैरान रह गए। उन्होंने बूथ पर पड़े खाली पैकेट की तस्वीर भी साझा की है।
सीईओ की निराशा और सवाल
यादव ने अपनी निराशा जताते हुए कहा, “जरा सोचिए, हमने फ्लाइट टिकट ली, ठहरने का इंतजाम किया, माल ढुलाई और बूथ तक के लिए पैसा दिया और अंत में यह देखने को मिला कि हाई-सिक्योरिटी जोन से वियरेबल गायब हो गए।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब उस दौरान वहां केवल सुरक्षाकर्मियों को ही जाने की अनुमति थी, तो फिर चोरी कैसे हो गई। उनके अनुसार, यह घटना बेहद निराशाजनक है और इससे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
समिट का महत्व
AI इंपैक्ट समिट का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है, जिसे इस साल देश में होने वाले सबसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में गिना जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस समिट का उद्घाटन 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया भर के कई बड़े टेक और बिजनेस लीडर्स शामिल हो रहे हैं, जहां AI के भविष्य और इसके वैश्विक असर पर चर्चा की जा रही है। प्रमुख वक्ताओं में सुंदर पिचई (सीईओ, Google), बिल गेट्स (को-फाउंडर, Microsoft) और सैम ऑल्टमैन (सीईओ, OpenAI) जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।
NeoSapien कंपनी ऐसे AI वियरेबल डिवाइसेज बनाती है जो बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम हैं। धनंजय यादव के लिए यह समिट निराशाजनक साबित हुआ, क्योंकि पहले ही दिन उनके प्रोडक्ट स्टॉल से कथित तौर पर डिवाइसेज चोरी हो गए।
