नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल पर नई FIR : ED की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला

नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 3 अक्टूबर 2025 को नई FIR दर्ज की है। इसमें सोनिया, राहुल समेत 6 अन्य लोगों और 3 कंपनियों पर धोखाधड़ी, साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ED ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि कांग्रेस की एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ‘धोखे से’ अधिग्रहण किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी।

 

FIR में नामित आरोपी और कंपनियां

 

-सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा (इंडियन ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख), सुमन दुबे, सुनील भंडारी। (कुल 6 व्यक्ति, जिसमें मोटीलाल वोराह और ऑस्कर फर्नांडिस जैसे दिवंगत नेता भी नामित।)

 

कंपनियां: AJL, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (कोलकाता आधारित शेल कंपनी)।

 

FIR के अनुसार, 2008-2014 के बीच AJL ने कांग्रेस से 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण लिया। यंग इंडियन ने मात्र 50 लाख रुपये देकर AJL के शेयर अधिग्रहित कर लिए, जबकि AJL की संपत्ति 2000 करोड़ की थी। ED का आरोप है कि डोटेक्स जैसी फर्जी कंपनियों ने 1 करोड़ रुपये का फंड ट्रांसफर किया, जो मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा था। दिल्ली पुलिस जल्द AJL के शेयरधारकों से पूछताछ कर सकती है।

 

2014 से चला आ रहा विवाद

यह केस 2014 में BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया-राहुल ने यंग इंडियन के जरिए AJL की संपत्ति हड़प ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लिया और ED को जांच सौंपी गई। 9 अप्रैल 2025 को ED ने PMLA के तहत पहली चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया-राहुल समेत 7 नाम शामिल थे। राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई 16 दिसंबर 2025 को टाली गई है। कोर्ट ने सभी आरोपी को सुनवाई का अधिकार दिया है।

 

ED ने दावा किया कि यह ‘क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी’ थी, जिसमें गांधी परिवार ने AJL की संपत्ति (दिल्ली, मुंबई आदि में संपत्तियां) को फर्जी तरीके से हथियाया। कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया और कहा कि ED केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “यह मोदी-शाह का विपक्ष को दबाने का प्रयास है।”

 

ED की जांच और कोर्ट की प्रक्रिया

ED ने 2008-2024 की अवधि की जांच पूरी कर रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी। चार्जशीट PMLA की धारा 44 और 45 के तहत दाखिल हुई। कोर्ट ने अभी संज्ञान नहीं लिया, लेकिन आरोपी को ‘सुनने का अधिकार’ माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोर्ट संज्ञान लेता है, तो ED को संपत्ति जब्त करने की शक्ति मिल सकती है।

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